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Nahan Leopard Attack: नाहन में बकरी फार्म में घुसा तेंदुआ, कुत्तों ने मालिक को बचाने के लिए खुद को झोंका, 2 घायल

Leopard attack in Nahan Goat Farm: हिमाचल के नाहन में एक बकरी फार्म में तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि वफादार कुत्तों ने तेंदुए से डटकर मुकाबला कर मालिक की जान बचाई।
Nahan Leopard Attack: नाहन में बकरी फार्म में घुसा तेंदुआ, कुत्तों ने मालिक को बचाने के लिए खुद को झोंका, 2 घायल
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Nahan Leopard Attack:  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नाहन के पास एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां एक तेंदुआ रविवार देर रात सागर कुमार के बकरी फार्म में घुस गया। फार्म सतीवाला पंचायत के जोगीवन इलाके में है। तेंदुआ बकरियों पर हमला करने से पहले एक कुतिया पर झपटा, जिससे फार्म के कुत्ते भौंकने लगे। उनकी आवाज सुनकर पूरा इलाका सतर्क हो गया।

कुत्तों ने इतनी बहादुरी दिखाई कि तेंदुआ बाड़े में ही दुबककर छिप गया और पूरी रात बाहर नहीं निकल सका।सोमवार सुबह करीब 8 बजे जब तेंदुआ बाहर निकलने की कोशिश करने लगा, तो कुत्तों ने उस पर तुरंत हमला बोल दिया। तेंदुआ बचते-बचाते मारकंडा नदी की ओर भागा। नदी में पानी और पत्थरों के बीच कुत्तों और तेंदुए की जोरदार लड़ाई हुई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।

इसी बीच फार्म मालिक के बेटे बंटी मौके पर पहुंचे तो तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। बंटी की बाजू बुरी तरह घायल हो गई। भागते हुए तेंदुए ने एक और स्थानीय युवक पर भी हमला किया।  कुत्तों ने फिर से साहस दिखाया और तेंदुए का ध्यान अपनी ओर खींचकर दोनों युवकों को उसके चंगुल से छुड़ाया।

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इस घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुए और कुत्तों में नदी किनारे कल्वर्ट के पास लड़ाई काफी देर तक चली। घटना की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने तेंदुए पर पत्थर भी फेंके। तेंदुआ आखिरकार एक संकरे पाइप में घुसकर छिप गया।

घटना कि जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने श्रीरेणुकाजी से वन्यजीव टीम को बुलाया। टीम दोपहर करीब एक बजे मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था। टीम ने पाइप के एक छोर पर जाली लगाई और दूसरे पर पिंजरा रखा।

जब तेंदुआ नहीं निकला तो ट्रैंक्विलाइजर गन से बेहोश करने का प्रयास किया गया। पाइप में पानी भर रहा था, जिससे खतरा और बढ़ गया। एक वनरक्षक ने जान जोखिम में डालकर पाइप में जाकर रस्सी से तेंदुए को बांधा और बाहर निकाला। करीब साढ़े तीन बजे यह हाई-रिस्क ऑपरेशन सफल रहा।

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तेंदुए को पिंजरे में सुरक्षित बंद कर लिया गया। पशु चिकित्सक ने उसकी जांच की। ऊपर से हल्की चोटें आई हैं, जबकि अंदरूनी चोटों की जांच जारी है। अगर वह पूरी तरह ठीक नहीं पाया गया तो उसे शिमला के टूटीकंडी रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। अगर स्वस्थ रहा तो जंगल में छोड़ दिया जाएगा। जहां इस घटना ने इलाके में खलबली मचा दी है। वहीं कुत्तों की बहादुरी और वन विभाग की सतर्कता की हर तरफ तारीफ हो रही है।

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