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नस्लवाद के आरोपों पर माइकल वॉन ने मांगी माफी, 13 साल पुराने इस ट्वीट पर बुरे फंसे

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नई दिल्ली: इंग्लैंड क्रिकेट में नस्लवाद महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। कई क्रिकेटर्स को इसका सामना करना पड़ा है। अब नस्लवाद के मुद्दे पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल, इन दिनों इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) में नस्लवाद के मामले की सुनवाई चल रही है। अजीम रफीक, आदिल रशीद, राणा नावेद-उल-हसन और अजमल शहजाद ने उन पर 2009 में नस्लवाद का आरोप लगाया था। सुनवाई के तीसरे दिन माइकल वॉन का ऐतिहासिक ट्वीट केंद्र में रहा। इस ट्वीट में उन्होंने नस्लवाद संबंधी टिप्पणी की थी। उन्होंने 15 अक्टूबर 2010 में ट्वीट कर कहा था- लंदन में ज्यादा अंग्रेज नहीं रहते.. मुझे एक नई भाषा सीखने की जरूरत है…इसे नस्लवाद से जोड़कर देखा गया।

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लगभग 90 मिनट तक चली पूछताछ

हालांकि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने खेल को बदनाम करने के ईसीबी के आरोप से इनकार किया। ईसीबी का आरोप रफीक के कमेंट के बाद आया। रशीद ने भी इस संबंध में गवाही दी थी। वॉन से ECB के प्रमुख वकील जेन मुल्काही केसी ने लगभग 90 मिनट तक पूछताछ की। वॉन ने स्वीकार किया कि ट्वीट अस्वीकार्य थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी उनके लिए माफी मांगी थी और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। मुल्काही ने बताया कि रफीक और रशीद दोनों ने दावा किया कि वॉन ने उनके साथ बुरा मजाक किया था। वॉन ने ये भी कहा कि अगर मुझे अपने जीवन में कुछ गलत मिलता है, तो मैं अपने हाथ ऊपर कर लेता हूं।

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क्या है पूरा मामला

पिछले साल इंग्लैंड टीम के खिलाड़ी आदिल रशीद ने पूर्व कप्तान पर गंभीर आरोप लगाकर दावा किया था कि उन्होंने माइकल वॉन को एशियाई खिलाड़ियों के लिए भद्दी टिप्पणी करते हुए सुना था। यॉर्कशायर टीम का हिस्सा रहे टीम के पूर्व खिलाड़ी अजीम रफीक ने भी खुलासा किया था कि वॉन ने एशियाई खिलाड़ियों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। हालांकि माइकल वॉन ने पहले अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया था। उन पर कई तरह के एक्शन भी हुए थे। बीबीसी ने अपने पॉडकास्ट से उन्हें हटा दिया था। अजीम रफीक ने जो आरोप लगाए थे, वो साल 2009 के सीजन के हैं जब माइकल वॉन यॉर्कशायर के लिए क्रिकेट खेलते थे।

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