साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1200 अंक टुटा, हर सेक्टर में मंदी..!

Share Market Highlights, Share Market Rally:
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 20 दिसंबर को गिरावट जारी है। इसके साथ ही निफ्टी अपने हालिया ऑलटाइम हाई से अब करीब 10 प्रतिशत गिर चुका है। यहां तक अधिकतर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे, जो बाजार में चौतरफा गिरावट को बताता है।

आंकड़ों के मुताबिक सेंसेक्स में आज दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,300 अंकों की गिरावट आई। आज के दिन सबसे खराब प्रदर्शन निफ्टी आईटी इंडेक्स का रहा, जो एक्सेंचर के अच्छे नतीजों के बावजूद 2 फीसदी से अधिक लुढ़क गए।

खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 895 अंक या 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,320 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 271 अंक या 1.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,680 पर था। आइए एक्सपर्ट के मुताबिक जानते हैं कि इस गिरावट के पीछे क्या प्रमुख कारण रहे-

मार्केट एक्सपर्ट्स शेयर बाजार में गिरावट के पीछे एक बड़ी मुनाफावसूली को भी मान रहे हैं। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी ऐलानों के बाद निवेशकों को बाजार की चाल में स्पष्टता नहीं दिख रही हैं। ऐसे में वह सावधनी बरतते हुए मुनाफा बुक कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  Dubai Gold Rate Today: दुबई में सोने की कीमतों में नया उछाल, 24K गोल्ड ने बनाया रिकॉर्ड, देखें आज के ताजा रेट

मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक बाजार में आज की गिरावट का सबसे बड़ा कारण FII की ओर तेज बिकवाली माना जाना चाहिए।” FII इस हफ्ते अब तक करीब 12,230 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं। इसमें से 4,224.92 करोड़ रुपये की बिकवाली उन्होंने गुरुवार 19 दिसंबर को की थी। FIIs की यह अंधाधुध बिकवाली अक्टूबर की याद दिला रही है, जब उन्होंने करीब 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 2025 के दौरान मॉनिटरी पॉलिसी पर सख्त रुख का संकेत दिया है, जिसने बाजार के मूड को और खराब कर दिया है। एक्सपर्ट के अनुसार बाजार अगले वित्त वर्ष के दौरान ब्याज दरों में तीन से चार कटौतियों की उम्मीद कर रहा था। लेकिन किसी को यह नहीं पता है कि अगले साल दो बार दरों में कटौती होगी या नहीं।

भारतीय बाजार में मंदी के पीछे की सबसे बड़ी वजह विदेशी करेंसी मार्केट में भारतीय रुपये पर साफ दबाव दिख रहा है। वर्त्तमान में एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुकाबले भारतीय रुपये की वैल्यू शुक्रवार को 85.1050 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई। इस साल अबतक डॉलर के मुकाबले रुपये में करीब 2% की गिरावट आई है। नवंबर में व्यापार घाटे में बढ़ोतरी के आंकड़े से भी भारतीय बाजार में आर्थिक सेंटीमेंट खराब हुआ

Join WhatsApp

Join Now