Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

केसीसी बैंक से गायब हुए 22 लाख रुपए, कैश कम निकलने पर तीन कर्मियों पर गिरी गाज

The Kangra Central Co-operative Bank Ltd. Dharamshala

ऊना जिला मुख्यालय स्थित कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक की मुख्य शाखा में 22.40 लाख रुपए का कैश कम होने का मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है| इस मामले की जांच पहले विभागीय स्तर पर की जा रही थी, लेकिन अब बैंक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस के अधिकारी भी इस मामले की जांच में कूद पड़े हैं|

शुक्रवार को सिटी पुलिस चौकी प्रभारी जगवीर सिंह टीम के साथ बैंक शाखा में पहुंचे। पुलिस ने बैंक के एजीएम से मामले को लेकर जानकारी जुटाई है। दूसरी ओर बैंक प्रबंधन भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहा है। सूत्रों से पता चला है कि इस संगीन मामले को लेकर तीन कर्मियों पर कार्रवाई की गई है, लेकिन इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की जा रही ताकि बैंक की साख बनी रहे। बैंक के चेयरमैन का कहना है कि बैंक की तरफ से मामले में विभागीय जांच भी की जा रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि बैंक के दस्तावेज में रकम पूरी थी लेकिन जांच में कम पाई गई। कुछ नकली नोट एक दराज में बरामद किए गए।

इसे भी पढ़ें:  पीएम मोदी के चंबा दौरे को लेकर गगरेट थाना से ड्यूटी देने आए पुलिस कांस्‍टेबल की हृदयाघात से मौत

बैंक के एजीएम ने इस मामले के संबंध में एसपी ऊना को शिकायत सौंपी थी| इतना ही नहीं, इसी घटनाक्रम के दौरान बैंक के दराज से नकली नोट भी बरामद हुए हैं| हालांकि, इस घटना को लेकर बैंक का कोई भी अधिकारी सार्वजनिक टिप्पणी करने से गुरेज कर रहा है|

पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर का कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है| कैश कम होने के मामले के संबंध में पहले रिकॉर्ड को कब्जे में लिया जाएगा| बैंक के दराज से नकली नोट बरामद किए जाने की घटना की भी निष्पक्षता से जांच अमल में लाई जाएगी| उधर बैंक प्रबंधन ने ब्रांच में 22 लाख रुपए कैश कम होने के मामले को लेकर ब्रांच मैनेजर, कार्यकारी अधिकारी और कैशियर को सस्पेंड कर दिया गया है|

इसे भी पढ़ें:  अवैध खनन गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदम: मुकेश अग्निहोत्री
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल