Fast Translate
Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Himachal: जानिए! इल्मा अफरोज की बद्दी में नियुक्ति की मांग से जुड़ी याचिका को हाईकोर्ट ने क्यों किया ख़ारिज..

Himachal IPS Ilma Afroz Controversy: IPS इल्मा अफ़रोज़ को DGP दफ्तर में मिली तैनाती, हाईकोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा

Himachal High Court : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक (SP) इल्मा अफरोज (IPS Ilma Afroz Controversy) की बद्दी में नियुक्ति की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को स्पष्ट किया है कि किसी अधिकारी की तैनाती का निर्णय सरकार का विशेषाधिकार है और अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। यह फैसला न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने सुनाया।

याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी अधिकारी या कर्मचारी की तैनाती कब, कहां और कैसे करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरकार की नीयत साफ है, तो उसके इस अधिकार में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

याचिका में क्या था दावा?

याचिकाकर्ता सुच्चा सिंह ने हाईकोर्ट में दावा किया था कि इल्मा अफरोज की बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ (सोलन) में तैनाती से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुधरेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन इलाकों में ड्रग और खनन माफिया का बोलबाला है, लेकिन पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: सुप्रीम कोर्ट ने हिमुडा पर लगाया 5 लाख रुपये का जुर्माना, निजी कंपनी से मिलीभगत, हाईकोर्ट को दिया धोखा

याचिका में कहा गया कि इल्मा अफरोज की तैनाती से आम जनता को सुरक्षा का अहसास होगा और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, कोर्ट ने इन दावों को गुणवत्ताहीन और अमान्य करार देते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि किसी अधिकारी की नियुक्ति को लेकर सरकार के फैसले में दखल देना उचित नहीं है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: शिमला में युवक-युवती से मिली 1 करोड़ की LSD मामले में CID स्पेशल टास्क फोर्स के 4 जवान सस्पेंड

तबादले पर लगी रोक भी हटाई

उल्लेखनीय है कि इससे पहले, 9 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में इल्मा अफरोज के तबादले पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने उस समय कहा था कि बद्दी जिले में पुलिस स्टेशनों के कामकाज में गंभीर गड़बड़ी है, जिसकी वजह से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि, अब कोर्ट ने इस रोक को हटा दिया है।

इस फैसले के बाद अब इल्मा अफरोज की तैनाती का फैसला सरकार के हाथ में है। सरकार को यह तय करना होगा कि उन्हें कहां तैनात किया जाए। याचिकाकर्ता का दावा था कि इल्मा अफरोज की बद्दी में तैनाती से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन अब यह सरकार पर निर्भर करेगा कि वह क्या फैसला लेती है। क्योंकि कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी की तैनाती का फैसला सरकार का अधिकार है और अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती।

Aaj Ki KhabrenHimachal High CourtHimachal Latest NewsHimachal NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP News Today

Join WhatsApp

Join Now