Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Hamirpur News : सूबेदार कुलदीप चंद पंचतत्व में हुए विलीन, सैन्य सम्मान के दी गई अंतिम विदाई..

Hamirpur: सूबेदार कुलदीप चंद पंचतत्व में हुए विलीन, सैन्य सम्मान के दी गई अंतिम विदाई..

Hamirpur News:  आतंकवादियों के साथ जम्मू-कश्मीर में हुई मुठभेड़ में बहादुरी के साथ लड़ते हुए बलिदानी हुए जिला हमीरपुर की गलोड़ तहसील के गांव कोहलवीं के सूबेदार कुलदीप चंद का रविवार को गांव के मोक्षधाम पर पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बलिदानी की पार्थिव देह को उनके बेटे आर्यन शर्मा ने मुखाग्नि दी।

उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह शहीद कुलदीप चंद की पार्थिव देह जब सैन्य टुकड़ी के साथ सेना के वाहन से गांव कोहलवीं पहुंची तो बलिदानी के परिजनों के विलाप से सभी की आंखें नम हो गईं तथा पूरा गांव ‘कुलदीप चंद अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। बलिदानी की अंतिम यात्रा के दौरान क्षेत्र के युवाओं ने दोपहिया एवं चौपहिया वाहनों की रैली निकालते हुए ‘कुलदीप चंद अमर रहे’ और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारों के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

इसे भी पढ़ें:  Mysterious Fort in Himachal: हिमाचल के इस रहस्यमय महल में छिपा है, राजा संसार चन्द का अरबों का खजाना, आज तक नहीं लगा किसी के हाथ...

थल सेना और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टुकड़ी ने भी हवा में फायर करके तथा शस्त्र उल्टे करके बलिदानी सूबेदार कुलदीप चंद को अंतिम विदाई दी। मौके पर प्रदेश सरकार और प्रशासन की ओर से उपायुक्त अमरजीत सिंह, एसपी भगत सिंह ठाकुर और एसडीएम राकेश शर्मा ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। कुलदीप चंद दो माह पूर्व छुट्टी काटकर गए थे। वह अपने पीछे बेटा बेटी पत्नी और बुजुर्ग माता पिता छोड़ गए हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री,नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बलिदानी कुलदीप चंद की शहादत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और परमपिता परमात्मा से इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल