Persian Gulf Crisis: खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध संकट के बीच, फारस की खाड़ी में तैनात भारतीय कैप्टन रमन कपूर ने एक भावुक संदेश जारी कर दुनिया का ध्यान नाविकों (सीफेयरर्स) की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि वे और उनके जैसे हजारों नाविक युद्ध जैसे हालातों के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन उनकी चुनौतियों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
कैप्टन रमन कपूर ने अपने संदेश में कहा, “नमस्ते, मैं कैप्टन रमन कपूर हूँ और दुनिया भर के सभी नाविकों की ओर से बात कर रहा हूँ। इस समय हम फारस की खाड़ी के युद्ध क्षेत्र में बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। पूरी दुनिया खाड़ी देशों में चल रहे तनाव को देख रही है, लेकिन इन हालातों के बीच भी हम अपनी ड्यूटी पर डटे हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि नाविकों की बहादुरी और लचीलापन ही है, जो हर परिस्थिति में वैश्विक व्यापार को चलायमान रखता है। “हम सिर्फ नाविक नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार के रक्षक हैं। हमारी भूमिका भले ही सुर्खियों में न आए, लेकिन हम अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य की रीढ़ हैं।”
कैप्टन कपूर ने यह भी बताया कि दुनिया इस समय युद्ध, तेल-गैस की कीमतों, उर्वरकों और शेयर बाजारों पर नजर रख रही है, लेकिन समुद्र में काम कर रहे नाविकों को अक्सर भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा, “हम बस चाहते हैं कि लोगों को पता चले कि हम यहाँ अपना काम कर रहे हैं और हमें उनके समर्थन की जरूरत है।”
उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील करते हुए कहा कि नाविकों को युद्ध के लिए प्रशिक्षित नहीं किया जाता, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अब समय आ गया है कि दुनिया हमारे योगदान को पहचाने और हमारी सुरक्षा को प्राथमिकता दे।” अंत में कैप्टन रमन कपूर ने सभी के लिए मंगलकामनाएं करते हुए कहा, “ईश्वर सभी का भला करे।”
विशेषज्ञों का भी मानना है कि मौजूदा हालातों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नाविकों की सलामती वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक बड़ा हिस्सा समुद्री रास्तों से ही संचालित होता है।

















