Kotak AU Small Finance Bank Stake News: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। निजी क्षेत्र के दिग्गज कोटक महिंद्रा बैंक को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB) में 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। इस निवेश को बाजार के जानकार भविष्य के एक बड़े बैंकिंग विस्तार के रूप में देख रहे हैं। 7 मई 2026 को बाजार में इस सूचना के आने के बाद से ही दोनों बैंकों के शेयरों में हलचल देखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई एक नियामक फाइलिंग (Exchange Filing) में इस महत्वपूर्ण अपडेट की जानकारी साझा की। बैंक के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक, उसकी सहायक कंपनियों और उससे जुड़ी विभिन्न फंड्स व स्कीम्स को मिलाकर अब एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कुल 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी या वोटिंग राइट्स हासिल करने की अनुमति मिल गई है। यह कदम कोटक बैंक के लिए अपनी बाजार पहुंच और निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मार्च तिमाही के ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों पर गौर करें तो कोटक ग्रुप की मौजूदगी एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में पहले से ही बनी हुई है। कोटक फ्लेक्सीकैप फंड के पास वर्तमान में इस बैंक की 1.60 फीसदी हिस्सेदारी है। आरबीआई की इस नई मंजूरी के बाद अब कोटक ग्रुप को अपनी हिस्सेदारी को करीब 10 फीसदी तक बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के निवेश से बैंकिंग ईकोसिस्टम में नए तालमेल देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लंबे समय से बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। कोटक के अलावा देश के कई बड़े म्यूचुअल फंड्स और बीमा कंपनियों ने भी इसमें मोटा निवेश कर रखा है। इनमें एचडीएफसी (HDFC) म्यूचुअल फंड, निप्पॉन लाइफ (Nippon Life), इनवेस्को (Invesco) और डीएसपी मिडकैप (DSP Midcap) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा, बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां जैसे एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस भी बैंक में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखती हैं।
बैंक के शेयर होल्डिंग पैटर्न का विस्तृत विश्लेषण करें तो ‘ट्रेंडलाइन’ के आंकड़ों के अनुसार, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रमोटर्स के पास वर्तमान में 22.8 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का बैंक पर अटूट भरोसा बना हुआ है, जिनकी हिस्सेदारी 37.3 फीसदी है। वहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड्स (MF) के पास 23.2 फीसदी और आम जनता यानी पब्लिक शेयर होल्डिंग 8.1 फीसदी के करीब है। कोटक बैंक के प्रवेश से इस होल्डिंग संरचना में आने वाले समय में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
गौरतलब है कि शेयर बाजार पर इस खबर का असर गुरुवार सुबह से ही देखने को मिला। कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 380 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के स्टॉक में भी निवेशकों की सक्रियता बढ़ी, जिसके चलते शेयर 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ 1,030.20 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। जानकारों के मुताबिक निवेशक इस डील के भविष्य के फायदों को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
उधर, बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यह डील केवल एक वित्तीय निवेश नहीं है, बल्कि यह स्मॉल फाइनेंस बैंक की बाजार में बढ़ती साख और बड़े बैंकों की विस्तारवादी नीतियों को भी दर्शाता है। कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी लेना एयू एसएफबी के प्रबंधन और उसकी विकास क्षमता पर भरोसे की मुहर है। आगामी हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोटक महिंद्रा बैंक खुले बाजार से या किसी अन्य माध्यम से इस हिस्सेदारी को कब तक पूरा करता है।
















