CM Sukhvinder Singh Sukhu Shimla Ram Mandir Puja: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार सुबह अपने कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के साथ पैदल चलकर शिमला स्थित राम मंदिर पहुंचे। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की कथित चोरी के विरोध में मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने प्रभु श्री राम की विशेष पूजा-अर्चना की और पवित्र हवन में भाग लिया।
इस दौरान उन्होंने अयोध्या में हुई चंदे की हेराफेरी की घटना पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की और कहा कि भगवान राम के चरणों में उनकी पूर्ण आस्था है। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देश के लाखों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई और संपत्ति का दान दिया है।

हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले सबसे गरीब व्यक्ति से लेकर अमीर तक ने पांच रुपये से लेकर लाखों-करोड़ों रुपये तक का योगदान दिया। लोगों ने यह दान भगवान राम के चरणों में अपनी गहरी आस्था के कारण दिया था, ताकि भगवान राम द्वारा दिखाए गए आदर्शों के रास्ते पर चला जा सके।
मुख्यमंत्री ने चंदा चोरी के मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वहां बैठे लोग धर्म के नाम पर लोगों की आस्था और मूर्तियों की चोरी कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल पैसे की चोरी नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मूर्तियों की चोरी है। जहां मूर्तियों और आस्था की चोरी होती है, वहां भारत का हर नागरिक और पूरी हिंदू संस्कृति उठ खड़ी होती है। यह एक अत्यंत गंभीर धार्मिक मुद्दा है और भारतीय जनता पार्टी के उन चंदा चोरों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए जिन्होंने वहां हेराफेरी की है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने राम मंदिर में प्रार्थना करते हुए कहा कि जो लोग धर्म के नाम पर राजनीतिक चंदा इकट्ठा करते हैं और अपनी राजनीतिक चालें चलते हैं, भगवान राम उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में हुई इस लूट और हेराफेरी के खिलाफ कानून अपनी प्रक्रिया के तहत काम करेगा, लेकिन इसमें शामिल लोगों की नीयत साफ होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़ी किसी भी शुरुआती कार्रवाई की बात आने पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम आना चाहिए, जिन्होंने सबसे पहले बाबरी मस्जिद का ताला खुलवाया था। हर किसी को यह सच्चाई जानने का अधिकार है।
शिमला के राम मंदिर में विशेष अनुष्ठान पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वे सभी मंत्रियों के साथ संकट मोचन हनुमान जी के जाखू मंदिर भी जाएंगे। वहां वे भगवान से प्रार्थना करेंगे और पूरे देश में इस संदेश की सत्यता को लेकर बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे और उनके सभी मंत्री हिंदू संस्कृति में पूर्ण विश्वास रखते हैं। वे मानवता की पूजा करने वाले और सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करने वाले लोग हैं। भारत के हर नागरिक का सम्मान करना ही वास्तविक हिंदू संस्कृति है।
विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए जा रहे अवसरवादी राजनीति के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले राम में विश्वास नहीं करते थे, वे आज राजनीतिक लाभ के लिए अवसरवादी रुख अपना रहे हैं और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता हमेशा से भगवान राम में विश्वास रखते आए हैं और वे विपक्ष से कहीं अधिक नियमित रूप से राम की पूजा करते हैं। कांग्रेस सरकार भगवान राम द्वारा दिखाए गए आदर्शों का पूरी तरह पालन कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार के समय राम मंदिर के लिए बड़ा दान दिया गया था क्योंकि यह हिंदू संस्कृति का हिस्सा है जिसमें सभी का सम्मान निहित है। उन्होंने याद दिलाया कि जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, तो उनकी कांग्रेस सरकार ने राज्य में आधे दिन की नहीं, बल्कि पूरे दिन की छुट्टी घोषित की थी ताकि हर नागरिक राम जी के प्रेम और आदर्शों को अपना सके। उन्होंने भाजपा को अपनी विचारधारा और नीयत साफ रखने की सलाह दी। उन्होंने अंत में कहा कि चंदे में हो रही हेराफेरी की पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी।


















