Himachal Teacher Recruitment 2026: हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल में शिक्षकों की सभी भर्तियां पूरी तरह से मेरिट के आधार पर की जाएंगी। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में 3 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।
राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में कुल 14 हजार भर्तियां पूरी की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां होने से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और पठन-पाठन का स्तर बेहतर होगा।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सीबीएसई घोषित स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया पहले से ही जारी है। इन पदों के लिए करीब 9 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है, जिनकी नियुक्तियां शुद्ध रूप से मेरिट के आधार पर होंगी। इसके साथ ही सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपलों की नियुक्तियां भी की जा रही हैं। अब तक आठ जिलों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शेष जिलों में भी यह कार्य जल्द समाप्त कर लिया जाएगा।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार कड़े कदम उठा रही है। रोहित ठाकुर ने जानकारी दी कि पेपर लीक की आशंका को खत्म करने के उद्देश्य से कई भर्ती परीक्षाएं अब कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जा रही हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य उम्मीदवारों को एक निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था प्रदान करना है।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान नीट पेपर लीक मामले पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इसे देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था की एक बड़ी विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने भर्ती व प्रवेश परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अब तक इस्तीफा न देने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
रोहित ठाकुर ने कहा कि देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे आंदोलन केंद्र सरकार की नाकामी को दर्शाते हैं। किसी भी राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पूरी व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, जेबीटी शिक्षकों द्वारा क्लस्टर सिस्टम का विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार अध्यापकों की मांगों और समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और जो भी व्यावहारिक व उचित समाधान होगा, उस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।


















