Nalagarh IED Blast NIA Arrest: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ पुलिस थाने के समीप हुए आईईडी (IED) धमाके के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी द्वारा की गई इस कार्रवाई को मामले के खुलासे की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मणि के रूप में हुई है। एनआईए की टीमों ने तीनों आरोपियों को शुक्रवार को शिमला स्थित विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया, जहां मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए आरोपियों के संबंध में अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।

विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपित महावीर कुमार उर्फ काका और अजय मेहरा को आठ दिन की एनआइए पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेजने का आदेश सुनाया। वहीं, इस मामले के तीसरे आरोपित मनप्रीत सिंह उर्फ मणि को अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया है।
पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद अब एनआइए की टीम महावीर और अजय से गहन पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी रिमांड की अवधि के दौरान धमाके की मुख्य साजिश, इसके लिए हुई फंडिंग के स्रोतों और इस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास करेगी। एनआइए को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से इस पूरी साजिश के पीछे छिपे असली आकाओं और उनके मंसूबों का पर्दाफाश हो सकेगा।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह मामला इसी साल 1 जनवरी 2026 का है, जब नालागढ़ पुलिस थाना परिसर में एक अचानक आइईडी धमाका हुआ था। घटना के तुरंत बाद शुरुआत में स्थानीय हिमाचल पुलिस द्वारा इस मामले की शुरुआती जांच की जा रही थी।
हालांकि, मामले में किसी आतंकी संगठन या बड़े संगठित आपराधिक गैंग का हाथ होने के अंदेशे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी गंभीरता को समझा। इसके बाद गृह मंत्रालय ने मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी एनआइए को सौंपने का निर्णय लिया।
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, 8 मई को एनआइए ने इस केस को आधिकारिक रूप से अपने हाथों में लिया। एजेंसी ने नए सिरे से मामले में एफआइआर (FIR) दर्ज की और गहन जांच शुरू की, जिसके परिणामस्वरूप अब इन तीन प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
















