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भौतिक जगत में मानव आत्मिक सुख से दूर होता जा रहा :-कथावाचक पंडित टेकचंद शर्मा

भौतिक जगत में मानव आत्मिक सुख से दूर होता जा रहा :-कथावाचक पंडित टेकचंद शर्मा
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हीरा दत्त शर्मा|
शिव तांडव गुफा कुनिहार के प्रांगण में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित हो रही। ग्यारह दिवसीय महाशिवपुराण कथा के पांचवें दिन कथावाचक पंडित टेकचंद शर्मा ने अपने मुखारविंद से ज्ञान गंगा का रसास्वादन एवं अनुभूति कराते हुए उपस्थित सभी शिव भक्तों को बताया कि भगवान शिव शंकर सभी के समस्त दुखों का निवारण एवं उनके पापों को हर लेते हैं। आज का मानव भौतिकता वादी चकाचौंध में इतना व्यस्त हो गया है कि वह अपना और प्रायों का भी अंतर नहीं कर पा रहा है।

आज का मानव काम ,क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, द्वेष, मद, मत्सर से इतना ग्रसित हो गया है कि उसे आत्मिक सुख नहीं मिल पा रहा है वह आत्मिक सुख एवं शांति की खोज में इधर-उधर भटक रहा है। वास्तव में आत्मिक सुख एवं शांति जो कि उसके अंदर विद्यमान है वास्तव में वह उसे पहचान नहीं पा रहा है।

कथावाचक ने प्रवचनों की बौछार और रसास्वादन कराते हुए कहा कि भगवान शिव की महिमा असीमित एवं अपरंपार है। भगवान शिव संसार के कण-कण में विद्यमान एवं सर्वशक्तिमान है। सत्य के आचरण से ईश्वर प्रसन्न होते हैं। अपने सत्य स्वरूप के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है एवं हृदय में ईश्वरी शक्ति एवं शांति की प्रेरणा प्रकट होती है। सत्य निष्ठा व्यक्ति के सामने चाहे कैसी भी विपत्ति आ जाए वह सत्य का त्याग नहीं करता। सत्य का आचरण करने वाला निर्भय रहता है। उसका आत्मबल बढ़ता है।

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असत्य से सत्य अनंत गुना बलवान होता है। अतः आत्म विवेचना एवं आत्म दृष्टि को विकसित करने से मानव के सभी दु:ख दूर हो सकते हैं। अतः जीवन में वास्तविक उन्नति सत्य में ही निहित है। सत्यम, शिवम, सुंदरम भिन्न-भिन्न प्रतीत होते, वास्तव में एक ही है। सत्य सुंदर है जहां सत्य नहीं हो वहां सुंदर कैसे हो सकता है। असत्य में कोई सुंदरता नहीं हो सकती। अतः जो सत्य है वह कल्याणकारी एवं सुंदर है। यदि हमारे अंदर भक्ति है, तो हम प्रत्येक स्थान पर दिव्यता का अनुभव कर सकते हैं।

इस महाशिवपुराण कथा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए शिव तांडव विकास समिति के प्रधान राम रतन तंवर ने बताया कि इस कथा का आयोजन सात फरवरी से सतारा फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कथा पूर्ण होगी। इस कथा के दौरान सुबह सात बजे मूल पाठ प्रतिदिन एवं दोपहर एक से चार बजे तक कथा का आयोजन एवं उसके उपरांत सभी को नारायण सेवा के रूप में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। अठारह फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व भी शिव तांडव गुफा के प्रांगण में बड़े हर्ष उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाएगा।

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उन्नीस फरवरी रविवार को गुफा प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन सभी भक्तों के लिए आयोजित किया जाएगा। इस कथा में कुनिहार एवं आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग इस पावनमयी कथा में प्रतिदिन उपस्थित होकर के पुण्य के भागीदार बन रहे हैं और साथ ही उन्होंने सभी को इस मंगलकारी एवं पावन कथा एवं सेवा कार्य में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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