Chamba News: हिमाचल प्रदेश की सुख आश्रय योजना के तहत चंबा के 35 निराश्रित बच्चों के लिए आज का दिन किसी सपने के सच होने जैसा था, जब उन्होंने देश की राजधानी में राष्ट्रपति भवन की भव्यता को अपनी आंखों से निहारा। ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में पहचाने जाने वाले इन बच्चों ने न केवल इस ऐतिहासिक इमारत के प्रशासनिक और सांस्कृतिक महत्व को समझा, बल्कि वहां के संग्रहालय और सुंदर उद्यानों की खूबसूरती भी देखी।
इस शैक्षणिक भ्रमण का सबसे भावुक और गर्व करने वाला पल तब आया जब बच्चों ने राष्ट्रपति भवन के उपहार कक्ष में अपने चंबा की पहचान ‘चंबा रूमाल’ को प्रदर्शित देखा। अपनी जड़ों को देश के सर्वोच्च निवास स्थान पर सम्मान पाते देख बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया।
इस विशेष दौरे का नेतृत्व कर रहे बाल संरक्षण अधिकारी अजय भारद्वाज ने बताया कि बच्चों ने राष्ट्रपति भवन की कार्यप्रणाली और वहां होने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। राष्ट्रपति भवन के गाइड ने इन नन्हे मेहमानों को इस इमारत के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रपति के दायित्वों से रूबरू कराया।
दिल्ली के इस सफर में बच्चों ने केवल राष्ट्रपति भवन ही नहीं, बल्कि लाल किला, राजघाट और इंडिया गेट जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भी दीदार किया। पूरे दिन की गहमागहमी और नई जानकारियों को समेटने के बाद बच्चों के रात्रि विश्राम का प्रबंध नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में किया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की महत्वाकांक्षी ‘सुख आश्रय योजना’ के जरिए राज्य सरकार इन बच्चों के लिए एक अभिभावक की भूमिका निभा रही है, जिसका उद्देश्य इनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। चंबा के चार अलग-अलग बाल देखभाल संस्थानों से आए इन 35 बच्चों में 24 लड़कियां और 11 लड़के शामिल हैं। 31 मार्च से शुरू हुआ यह सात दिवसीय दौरा 7 अप्रैल को संपन्न होगा।
बच्चों ने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताते हुए कहा कि इस यात्रा से उन्हें देश की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को करीब से समझने का मौका मिला है। सरकार की इस पहल से गदगद बच्चों ने अपने ‘अभिभावक’ मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह सफर उनके भविष्य के लिए नई प्रेरणा लेकर आया है।





















