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Himachal: स्वर्ण जयंती आश्रय योजना में सरकार की विफलता, गरीबों को नहीं मिल रही आर्थिक सहायता..!

Himachal: स्वर्ण जयंती आश्रय योजना में सरकार की विफलता, गरीबों को नहीं मिल रही आर्थिक सहायता..!
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Himachal News हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना (Swarna Jayanti Ashray Yojana) के तहत गरीबों और जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने का दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे है। इस योजना के अंतर्गत गरीब और पात्र लोगों को मकान निर्माण के लिए ₹1,50,000 की वित्तीय सहायता दी जाती थी, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में साल 2024-25 में एक भी पात्र व्यक्ति को इसका लाभ नहीं मिला।

एक आरटीआई से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत केवल औपचारिकता निभाते हुए एक बैठक 22/11/2024 को आयोजित हुई, जबकि नियमों के अनुसार कम से कम दो बैठकें करना अनिवार्य हैं। इस योजना में पात्र लोगों को लाभ न मिलना, यह बताता है कि सरकार के बड़े-बड़े मंचों पर जनता के हितैषी बनने के दावे धरातल पर पूरी तरह झूठे साबित हो रहे हैं।

गरीबों के लिए पैसा नहीं, वीआईपी के लिए हेलिपोर्ट तैयार

आर्थिक तंगी और गरीबी से जूझ रहे लोगों के लिए सरकार के पास फंड नहीं है, जबकि वीआईपी सुविधाओं के लिए हेलिपोर्ट और अन्य लग्ज़री प्रोजेक्ट्स पर खुलकर खर्च किया जा रहा है। विपक्ष ने सरकार की इस कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

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प्रदेश की आर्थिक स्थिति सवालों के घेरे में

साल 2024-25 में अभी तक प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत किसी भी पात्र व्यक्ति को लाभ न मिलने से प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति और सरकारी उदासीनता का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। सरकार के दावे और वादे केवल जनता को गुमराह करने के लिए हैं। जनता के लिए योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि हकीकत में गरीब और जरूरतमंदों के लिए राहत पहुंचाने की कोई ठोस कोशिश नहीं की जा रही।

गरीबों के लिए जरूरतमंद योजनाओं में पात्र लोगों को लाभ न मिल पाना, सरकार की यह असंवेदनशीलता न केवल गरीबों के हक पर डाका डाल रही है, बल्कि प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात भी है। अब वक्त आ गया है कि सरकार अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे और आम लोगों के लिए योजनाओं को सही तरीके से लागू करे।

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