Himachal News: हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई धांधली और पेपर लीक प्रकरणों को लेकर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चेबंदी तेज कर दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का सीधा आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं में कांग्रेस सरकार की भूमिका पूरी तरह से संदेह के घेरे में आ चुकी है। जयराम ठाकुर ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय उन्हें संरक्षण देने में लगा हुआ है। इस रवैये के कारण हिमाचल प्रदेश के लाखों युवाओं का वर्तमान सरकार से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। युवाओं को पारदर्शी चयन प्रक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन सरकार निष्पक्ष परीक्षाएं कराने में विफल रही है।

पुलिस भर्ती परीक्षा में मास चीटिंग का आरोप
हाल ही में आयोजित हुई पुलिस भर्ती परीक्षा का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खुद परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने लिखित शिकायत दी है कि परीक्षा केंद्रों के भीतर खुलेआम बड़े पैमाने पर नकल (मास चीटिंग) करवाई गई।
“अभ्यर्थियों ने गंभीर अनियमितताओं की जानकारी प्रशासन और सरकार को दी, लेकिन आज तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं करवाई गई। सरकार की यह चुप्पी स्वयं कई गंभीर सवाल खड़े करती है।”
— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
राजनीतिक अवसरवाद पर साधा निशाना
हाल ही में कांग्रेस की ओर से निकाले गए कैंडल मार्च को जयराम ठाकुर ने राजनीतिक अवसरवाद की पराकाष्ठा करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बेरोजगार युवाओं और छात्रों के भविष्य की कोई वास्तविक चिंता नहीं है, बल्कि वह केवल राजनीतिक लाभ साधने का प्रयास कर रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें रही हैं, वहां भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर घोटाले दर्ज किए गए हैं।
विपक्ष के नेता ने आंकड़े रेखांकित करते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान 22 से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए थे, जबकि छत्तीसगढ़ में भी 18 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है।
दोषियों को संरक्षण और पदोन्नति देने का आरोप
भाजपा सरकार के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जब उनकी सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आया था, तब बिना किसी दबाव के तुरंत पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की गई थी। सीबीआई जांच में कुछ अधिकारियों की लापरवाही और भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई थी।
हालांकि, वर्तमान सुक्खू सरकार ने उन जिम्मेदार अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंप दीं और कुछ अधिकारियों को पदोन्नत (प्रमोशन) भी कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किन कारणों से दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें संरक्षण क्यों दिया जा रहा है।
“कांग्रेस युवाओं के हितों की लड़ाई नहीं लड़ रही, बल्कि छात्रों और बेरोजगार युवाओं के कंधों पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश का युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चाहता है, लेकिन कांग्रेस सरकार इस दिशा में पूरी तरह विफल साबित हुई है।”
— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
केंद्र सरकार के सख्त कानून का समर्थन
केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा माफिया और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए ऐतिहासिक कानूनी प्रावधान तैयार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में लाए जा रहे ये विधायी प्रावधान देश के युवाओं के हितों की रक्षा करेंगे। इसके बावजूद, कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इन महत्वपूर्ण और सकारात्मक सुधारों का समर्थन करने के बजाय केवल राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का काम कर रहे हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


















