Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal News: गुड़िया मामले में आरोपी सूरज की कस्टोडियल मौत: पूर्व IG जैदी समेत आठ पुलिसकर्मी दोषी करार..!

Himachal News: गुड़िया रेप और हत्या मामले के आरोपी सूरज की हत्या में पूर्व IG जैदी सहित आठ पुलिसकर्मी हत्या के मामले में दोषी करार..!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कोटखाई में 2017 में घटित बहुचर्चित गुड़िया रेप और मर्डर केस (Gudiya Rape and Murder Case) ने पूरे प्रदेश को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया था। 16 साल की एक मासूम लड़की के साथ हुए रेप और उसकी हत्या के इस मामले ने तब और भी गंभीर रूप ले लिया, जब एक आरोपी की सूरज (नेपाली ) की पुलिस हिरासत में (Kotkhai custodial death case) संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

अब, इस मामले में चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत (CBI Court Chandigarh) ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन IG जाहूर हैदर जैदी (IG Zahoor Haider Zaidi) समेत 8 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है। दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को अब 27 जनवरी को अदालत द्वारा सजा सुनाई जाएगी।

इसे भी पढ़ें:  Himachal News: सीएम सुक्खू ने हिप्पा का नाम पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर करने की घोषणा की

इस मामले में दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों में आईजी जाहूर हैदर जैदी के अलावा तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसआई राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, एचएचसी मोहन लाल, एचएचसी सूरत सिंह, एचसी रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रानित सतेता शामिल हैं। वहीं, अदालत ने पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी (Former SP DW Negi) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

क्या था 2017 का गुड़िया मामला?

उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई 2017 को शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से 16 साल की लड़की अचानक गायब हो गई। दो दिन बाद, 6 जुलाई को उसका शव हलैला जंगल में पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि लड़की के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

इसे भी पढ़ें:  Himachal: वन संरक्षण के लिए महिला व युवक मंडलों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

इस घटना ने पूरे हिमाचल में आक्रोश फैला दिया। लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की पुलिस हिरासत में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई।

आरोपी सूरज की हिरासत में मौत ने इस मामले को और उलझा दिया। सवाल उठे कि क्या यह मौत पुलिसिया हिंसा का नतीजा थी या इसे एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया। घटना के बाद राज्यभर में प्रदर्शन और ज्यादा तेज हो गए।

जनता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी की हिरासत में मौत पुलिसकर्मियों की क्रूरता और कर्तव्य में लापरवाही का परिणाम थी। अदालत ने इस आधार पर 8 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल में रिकॉर्ड 4332 नए कोरोना पॉजिटिव, 60 संक्रमितों की मौत

 

 

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल