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Monsoon Havoc in Himachal: हिमाचल में मॉनसून का कहर! डेढ़ महीने में एक हजार करोड़ की प्रॉपर्टी का नुकसान, 201 मौतें

Monsoon Havoc in Himachal: हिमाचल में मॉनसून का कहर! डेढ़ महीने में एक हजार करोड़ की प्रॉपर्टी का नुकसान, 201 मौतें
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Monsoon Havoc in Himachal : हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का आगमन हुए डेढ़ महीने से अधिक हो चुका है और इस दौरान राज्य को भारी तबाही का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अवधि में एक हजार करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा है और 201 लोगों की जान चली गई है। इनमें सड़क हादसे भी शामिल हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन की हालिया रिपोर्ट में 27 जून से 14 अगस्त तक के आंकड़े जारी किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पचास दिनों में 201 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से 88 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं, जबकि 113 लोगों की जान लैंडस्लाइड, डूबने, ढांक से गिरने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं में चली गई।

Himachal Pradesh में मौतों का आंकड़ा:

– सबसे ज्यादा मौतें मंडी जिले में हुई हैं, जहां 21 लोगों की जान गई है।
– कांगड़ा में 20 मौतें दर्ज की गई हैं।
– शिमला में 12 लोग मरे हैं।
– ऊना में 11 लोगों की मौत हुई है।
– सड़क हादसों के मामले में कांगड़ा सबसे प्रभावित रहा, जहां 18 लोगों की मौत हुई है।
– ढांक से गिरने की घटनाओं में 31 लोगों की जान गई है।

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Himachal में 31 जुलाई के बाद की स्थिति:

31 जुलाई के बाद से नुकसान की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस दिन भारी बारिश ने शिमला, मंडी और कुल्लू में भयंकर तबाही मचाई। कुल्लू के निरमंड में बागीपुल में बाढ़ के कारण 7 लोग बह गए, जिनमें से 2 शव ही मिल पाए हैं। शिमला के रामपुर के समेज गांव में भीषण तबाही हुई है, जहां से लापता 36 लोगों में से केवल 6 शव मिले हैं और 30 लोगों की तलाश जारी है। मंडी के पधर के राजबन में लैंडस्लाइड में 10 लोग फंसे, जिनमें से 9 शव बरामद किए गए हैं और एक व्यक्ति अभी भी लापता है।

Himachal में मानसून से आर्थिक नुकसान:

आपदा प्रबंधन के अनुसार, पीडब्ल्यूडी विभाग को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जिसमें 470 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। जलशक्ति विभाग को 446 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

बीते वर्ष से Himachal में घरों और जानवरों की स्थिति:

मॉनसून सीजन में 6600 से अधिक मुर्गियों और जानवरों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, 57 घर पूरी तरह से ढह गए हैं। हालांकि, 2023 की तुलना में इस बार कम घरों को नुकसान हुआ है—पिछले साल करीब 3000 घर पूरी तरह से गिर गए थे। इस दौरान 339 लोग घायल भी हुए हैं। राहत के तौर पर सरकार ने प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।

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