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HPAS-UGC-NET-IIT Mandi Exams: हिमाचल में HPAS, UGC-NET और IIT मंडी परीक्षाओं के टकराव पर चिंता, सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

HPAS-UGC-NET-IIT Mandi Exams: हिमाचल में HPAS, UGC-NET और IIT मंडी परीक्षाओं के टकराव पर चिंता, सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
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HPAS-UGC-NET-IIT Mandi Exams Date Controversy: हिमाचल प्रदेश में 29 जून 2025 को होने वाली हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HPAS) प्रारंभिक परीक्षा, UGC-NET और IIT मंडी की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा की तारीखों के टकराव से छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता है।

तीनों परीक्षाओं के एक दिन होने से यह स्थिति हज़ारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है, क्योंकि उन्हें अपनी मेहनत और आर्थिक निवेश के बावजूद किसी एक परीक्षा को चुनने के लिए मजबूर किया होना पड़ेगा।

इन परीक्षाओं के अभ्यर्थी छात्रों का कहना है कि UGC-NET के लिए ₹1200 का शुल्क और महीनों की तैयारी के बाद, उन्हें HPAS या IIT मंडी की महत्वपूर्ण परीक्षा में से किसी एक को छोड़ना पड़ रहा है। यह न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ा रहा है।

HPAS-UGC-NET-IIT Mandi Exams Date Controversy


वहीँ इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता रणबीर मन्ढोत्रा ने बयान जारी करते हुए कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश के मेहनती युवा आज एक ऐसे चौराहे पर खड़े हैं, जहां उन्हें अपनी वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये की फीस को दांव पर लगाकर किसी एक परीक्षा को छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी युवाओं को तोड़ रही है।”

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उन्होंने आगे कहा, “बेरोज़गार युवाओं की उम्मीदें सरकार से बंधी हैं। हम माननीय मुख्यमंत्री से अपील करते हैं कि वे इस मामले की गंभीरता को समझें और हज़ारों युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए अविलंब आवश्यक कदम उठाएं। आम आदमी पार्टी हिमाचल के युवाओं के साथ खड़ी है और उनके न्याय के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 19 जून को HPAS के प्रवेश पत्र जारी किए थे, लेकिन छात्रों की तारीख बदलने की मांग को ठुकरा दिया गया है। इसी तरह, IIT मंडी ने भी अपनी परीक्षा की तारीख बदलने से इनकार कर दिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इन संस्थानों में समन्वय और छात्रों के हितों के प्रति संवेदनशीलता की कमी है।

छात्र संगठनों और विशेषज्ञों ने मांग की है कि सरकार इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे। उनके सुझावों में शामिल  किया जाए जिसमे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू HPPSC को HPAS परीक्षा की तारीख बदलने का निर्देश दें। और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी छात्र को दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक को छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े। भविष्य में इस तरह के टकराव को रोकने के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई जाए।

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