River Rafting in Kullu: कुल्लू की वादियों में रिवर राफ्टिंग का आनंद लेने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर अब प्रशासन ने अपने तेवर सख्त कर लिए हैं। उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने साफ कर दिया है कि साहसिक खेलों में किसी भी तरह की लापरवाही या सुरक्षा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोमवार को नियामक समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में राफ्टिंग के लिए जल्द से जल्द ‘सिंगल काउंटर व्यवस्था’ लागू की जाए। इस नई व्यवस्था का सीधा मतलब यह है कि अब राफ्टिंग की सभी बुकिंग केवल अधिकृत काउंटरों के जरिए ही होंगी, जिससे न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि पर्यटकों को अवैध ऑपरेटरों के जाल से भी बचाया जा सकेगा।
पर्यटकों की जान से खिलवाड़ रोकने के लिए सरकार ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि राफ्टिंग से जुड़े पायलटों और ऑपरेटरों के लिए नशे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जो भी नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर कानूनी गाज गिरना तय है। अब हर ऑपरेटर के लिए लॉग बुक का रखरखाव करना और अपनी हर राइड का मासिक डेटा पर्यटन विभाग को सौंपना अनिवार्य होगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी छोटी-बड़ी दुर्घटना की सूचना तुरंत दी जाए, ताकि समय रहते बचाव और जांच की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस पूरी कवायद का मकसद कुल्लू में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अश्वनी कुमार और मनाली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के निदेशक अविनाश नेगी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राफ्टिंग ऑपरेटरों को ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ यानी खुद को अनुशासित रखते हुए सरकारी नियमों का पालन करना होगा। इसके साथ ही, लारजी वाटर स्पोर्ट्स सोसाइटी के साथ हुई चर्चा में यह भी संकेत मिले हैं कि क्षेत्र में जलक्रीड़ा गतिविधियों के विस्तार के लिए जल्द ही एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यहाँ पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे।





















