Nirmala Sitharaman Defamation Case: नई दिल्ली-राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत को खारिज कर दिया है। यह याचिका आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा द्वारा दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम (ACJM) पारस दलाल ने स्पष्ट किया कि इस शिकायत में आगे बढ़ने का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता, जिसके चलते अदालत ने मामले पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता लिपिका मित्रा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356(1) और 356(2) के तहत यह मामला दर्ज कराया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं।
मित्रा का दावा था कि इन बयानों को विभिन्न टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे उनके पति सोमनाथ भारती की छवि को नुकसान पहुंचाना था। याचिका में यह भी तर्क दिया गया था कि इन बयानों से न केवल राजनीतिक नुकसान हुआ, बल्कि उनके परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा और सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि भी उठानी पड़ी।
हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत ने इन आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई पर्याप्त साक्ष्य या कानूनी आधार नहीं पाया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं बनता है।
उल्लेखनीय है कि इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान कुछ अन्य विवाद भी सामने आए थे। इससे पहले, अदालत ने निर्मला सीतारमण की उस अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने सोमनाथ भारती को अपनी पत्नी का वकील बनने से रोकने की मांग की थी। साथ ही, अदालत ने लिपिका मित्रा की अनुपस्थिति के कारण उन पर लगाए गए 5,000 रुपये के जुर्माने को माफ करने से भी इनकार कर दिया था।




















