Rahul Gandhi Accuses PM Modi of Selling India in Lok Sabha: लोकसभा में 2026-27 के यूनियन बजट पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को भारत को बेचने की साजिश करार दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि इस सौदे से अमेरिका का निर्यात 146 बिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा, भारत के टैरिफ 18 प्रतिशत तक ऊंचे हो जाएंगे जबकि अमेरिका के टैरिफ शून्य हो जाएंगे। साथ ही भारत अपना डेटा कंट्रोल अमेरिका को सौंप देगा।
राहुल गांधी ने इस सौदे को गैर-सत्यापित एपस्टीन फाइल्स और अडाणी के प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत के हितों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने वादा किया कि INDIA गठबंधन सत्ता में आने पर किसानों की रक्षा करेगा और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
राहुल गांधी ने भाषण में भारत की तीन मुख्य ताकतों का जिक्र किया जिनमें डेटा, किसान और ऊर्जा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारे किसान देश को अन्न देकर आत्मनिर्भर बनाते हैं और ऊर्जा के बिना आधुनिक विकास मुमकिन नहीं है। राहुल के मुताबिक बजट इन खतरों को पहचानता तो है कि भू-राजनीतिक स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन समाधान देने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उन्होंने इस बजट को एक साधारण बजट करार देते हुए कहा कि इसमें भविष्य की लड़ाइयों और एआई (AI) जैसी तकनीक से पैदा होने वाले खतरों से सुरक्षा के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं।
लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और बजट की दिशा पर तीखे सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने कहा कि आज के दौर में अमेरिका और चीन के बीच जो मुकाबला चल रहा है, उसमें सबसे कीमती चीज भारत का डेटा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका को दुनिया की महाशक्ति बने रहना है और अपने डॉलर की कीमत को बचाना है, तो उसके लिए भारतीय डेटा ही सबसे बड़ी चाबी है। राहुल ने जोर देकर कहा कि हमें अपने डेटा को हर हाल में सुरक्षित रखना होगा क्योंकि विदेशी ताकतें इसे चुराने की ताक में बैठी हैं।
अपनी स्पीच की शुरुआत में राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट ‘जिजित्सु’ का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मार्शल आर्ट में ग्रिप और चोक यानी पकड़ और दबाव साफ दिखता है, राजनीति में वह नजर नहीं आता। राजनीति में कहां जोर पड़ रहा है और कहां गला घोंटा जा रहा है, यह समझना मुश्किल होता है. उन्होंने आर्थिक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में अब अमेरिका आधारित सिस्टम को रूस और चीन से कड़ी चुनौती मिल रही है. ऐसे खतरनाक समय में ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों से निपटने का कोई ठोस ब्लूप्रिंट नहीं है।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएगी सरकार
उधर,सरकार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएगी। सरकार का कहना है कि राहुल गांधी ने भ्रामक आरोप लगाए हैं, इसलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दाखिल किया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी है।
उन्होंने कहा कि सदन में मैंने राहुल गांधी से उनके दावों के सबूत देने का अनुरोध किया था। उन्होंने बिना किसी तथ्यात्मक आधार के सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ निराधार और भ्रामक आरोप लगाए। राहुल गांधी ने ये आरोप यह कहते हुए लगाए कि प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय हितों को बेच दिया है।
रिजिजू ने कहा कि उन्होंने हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उनके खिलाफ गंभीर और निराधार आरोप लगाए। यह विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए, मैं स्पीकर के समक्ष आवश्यक नोटिस दाखिल करना चाहता हूं। साथ ही किरेन रिजिजू ने कहा, ‘बजट पर भाषण देते हुए राहुल गांधी बिना किसी तर्क, बिना किसी सबूत और बिना कोई नोटिस दिए आरोप लगा रहे हैं।
उनका पूरा भाषण, उन्होंने जो भी गलत बातें कही हैं, सब हटा दिया जाएगा, और जो भी असंसदीय शब्द उन्होंने इस्तेमाल किए हैं, वे भी हटा दिए जाने चाहिए, खासकर उन्होंने जो भी झूठ बोले हैं, गलत बातें कही हैं, आरोप लगाए हैं, वे सब हटा दिए जाने चाहिए। मैंने उन्हें याद दिलाया कि इस देश को कोई बेच नहीं सकता, कोई खरीद नहीं सकता। फिर राहुल गांधी ने कहा कि किसी ने इंडिया बेच दिया है और किसी ने इंडिया खरीद लिया है। कोई भी इंडिया को खरीदने या बेचने के बारे में सोच भी नहीं सकता। ’
















