Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब सब्जी मंडी में एक दुकान के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मामला एक हिंदू परिवार और मुस्लिम समुदाय के एक परिवार के बीच का है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने जबरन दुकान पर कब्जा कर ताला लगा दिया है, जबकि दूसरा पक्ष खुद को असली मालिक बता रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। दुकान चलाने वाली एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह पिछले कई दशकों से इस दुकान में काम कर रही हैं और नियमित रूप से मालिक को किराया भी देती आ रही हैं। महिला का दावा है कि दो दिन पहले एक व्यक्ति ने वहां आकर खुद को नया मालिक बताया और दुकान खाली करने को कहा। अगले ही दिन दुकान का ताला बदलकर शटर बंद कर दिया गया।
दूसरे पक्ष द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह दुकान साल 2023 में खरीदी गई है। बुजुर्ग महिला के अनुसार, उन्हें दुकान बेचे जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार रात जब उन्हें पता चला कि दुकान का ताला बदलकर अंदर सामान रखा जा रहा है, तो वह अपने परिवार के साथ वहां पहुंचीं। आरोप है कि जब उनके बेटे ने ताला खोलने की कोशिश की, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।
सोमवार सुबह जब इस मामले की जानकारी मिली, तो देवभूमि संघर्ष समिति के विजय शर्मा और उनके साथी वहां पहुंच गए। उन्होंने वहां नारेबाजी की और दुकान के अंदर रखा सामान बाहर निकाल दिया, जिसकी वजह से दोनों पक्षों में काफी बहस और धक्का-मुक्की हुई।
दूसरी तरफ, दिलशाद नाम के व्यक्ति का कहना है कि यह दुकान असल में उनकी है और उन्होंने इसे साल 2023 में ही खरीद लिया था। उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष पिछले काफी समय से दुकान पर कब्जा जमाए बैठा है। दिलशाद के मुताबिक, उन्हें दुकान खाली करने के लिए 6 महीने की मोहलत दी गई थी, लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी दुकान खाली नहीं की गई। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनकर सदर थाने में मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।

















