International Women’s Day 2023: जिंदगी की असली उड़ान बाकी है, जिंदगी के कई इंतेहॉ अभी बाकी हैं, अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है…
देश और दुनिया में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। महिलाओं की शक्ति को हम शब्दों में कितना भी बयां कर लें, लेकिन फिर भी कम है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उन 12 महिलाओं को याद कर रहे हैं, जो अपने दम पर सियासत, कारोबार आदि क्षेत्रों में उच्च शिखर तक पहुंची हैं।
ये महिलाएं दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं, साथ ही इनके दम से दुनिया की आधी आबादी की ताकत है। आइए जानते हैं उन 12 ताकतवर महिलाओं के बारें में…

नगोजी ओकान्जो इवेला: WTO की महानिदेशक
ओकांजो इवेला एक नाइजीरियाई अर्थशास्त्री हैं। इस समय वे विश्व व्यापार संगठन यानी WTO की महानिदेशक हैं। इस पद तक पहुंचने वाली ओकांजो पहली महिला और पहली अफ्रीकी हैं। उनका जन्म 13 जून 1954 को हुआ था। ओकान्जो इवेला पहली ऐसी नाइजीरियाई महिला हैं, जिन्होंने दो बार वित्त मंत्री के रूप में काम किया है।

जियोर्जिया मेलोनी: इटली की पहली पीएम बनीं
मेलोनी 22 अक्टूबर 2022 से इटली की प्रधानमंत्री हैं। इस पद को संभालने वाी वे पहली महिला हैं। उनका जन्म 15 जनवरी 1977 को हुआ था। 2022 में फोर्ब्स की सूची में मेलोनी को शमिल किया गया था। उन्हें दुनिया की सातवीं सबसे शक्तिशाली महिला कहा गया था।
वह 2020 से यूरोपीय परंपरावादी और सुधारवादी पार्टी की अध्यक्ष हैं। हाल ही में उन्होंने भारत में हुए रायसीना डायलॉग कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। पीएम मोदी को उन्होंने दुनिया का मोस्ट लवेबल नेता करार दिया था।

ममता बनर्जी: तीन बार सीएम पद तक पहुंचीं
ममता बनर्जी को भारत की एक ताकतवर राजनेता के रूप में गिना जाता है। उनका जन्म 5 जनवरी 1955 को हुआ था। वे बंगाल की आठवीं मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रही हैं। साथ ही वे बंगाल की पहली महिला हैं, जो सीएम पद तक तीन बार पहुंची हैं। 2011 में पहली बार ममता सीएम बनी थीं।
सरकार संभालने के साथ वे तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा दो बार रेल मंत्री रह चुकी हैं।

माधबी पुरी बुच: जब सेबी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं
माधबी पुरी बुच सेबी की अध्यक्ष हैं। वह सेबी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अध्यक्ष हैं। अप्रैल 2017 से वह पूर्व अध्यक्ष अजय त्यागी के साथ सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में काम कर रही हैं। वह इस पद पर नियुक्त होने वाली निजी क्षेत्र की पहली व्यक्ति भी हैं।
उनके करियर की शुरुआत 1989 में आईसीआईसीआई बैंक से हुई थी। उन्होंने 1993 से 1955 तक इंग्लैंड के वेस्ट चेशायर कॉलेज में लेक्चरर के रूप में काम किया है।

द्रौपदी मुर्मू: राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला
देश की दूसरी महिला औ 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वर्तमान में सबसे बड़े पद पर आसीन हैं। साथ ही वे इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की और स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली महिला हैं। मुर्मू झारखंड की राज्यपाल भी रह चुकी हैं। वे राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली महिला थीं।
उनका जन्म 20 जून 1958 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने 1979 से 1983 तक सिंचाई और बिजली विभाग में क्लर्क थीं। फिर 1977 तक रायरंगपुर में एक टीचर के रूप में काम किया है।
निर्मला सीतारमण: इंदिरा के बाद दूसरी रक्षामंत्री बनने का रिकॉर्ड

भाजपा की राज्यसभा सांसद और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2017 से अभी तक कैबिनेट मंत्री हैं। 2017 में निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया गया था। वे इंदिरा गांधी के बाद दूसरी महिला थीं, जो रक्षामंत्री बनी थीं। इसके बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया।
उनका जन्म 18 अगस्त 1959 को हुआ था। 2022 में फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल किया था। वे 36वें स्थान पर थीं।

गीता गोपीनाथ: अकादमिक करियर छोड़ IMF पहुंचीं
गीता का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता के एक मलयाली परिवार में हुआ था। वे 21 जनवरी 2022 से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ के पहले उप प्रबंध निदेशक के रूप में काम कर रही हैं। इससे पहले 2019 से 2022 के बीच उन्होंने आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में काम किया था।
उनके पास हावर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में दो दशक का अकादमिक के रूप में काम करने का अनुभव है।

फाल्गुनी संजय नायर: 2 मिलियन से कंपनी को 13 बिलियन पहुंचाया
फाल्गुनी एक भारतीय अरबपति व्यवसायी हैं। उनका जन्म 19 फरवरी 1963 को महाराष्ट्र के एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता एक छोटी बेयरिंग कंपनी चलाते थे। इस समय वे ब्यूटी और लाइफस्टाइल रिटेल कंपनी Nykaa की संस्थापक और सीईओ हैं। 50 साल की उम्र में उन्होंने खुद के से 2 मिलियन के साथ उन्होंने अपनी कंपनी की स्थापना की थी।
वह ऐसा करने वाली दूसरी भारतीय महिला हैं, जिन्होंने अपने कारोबार को इतने कामयाबी तक पहुंचाया है। पहली महिला किरण मजूमदार शॉ हैं। 2021 में उनकी कंपनी की नेटवर्थ 13 बिलियन पहुंच गई है।

नीता अंबानी: मुंबई इंडियंस की मालकिन
नीता मुकेश अंबानी का जन्म एक नवंबर 1963 को हुआ था। वे इस समय रिलायंस फाउंडेशन, धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल की चेयरपर्सन और रिलायंस इंडस्ट्रीज की डायरेक्टर हैं। इसके साथ ही उनकी रूचि खेल में भी है। आईपीएल में उनकी टीम मुंबई इंडियंस खेलती है।
2016 में उन्हें इंडिया टुडे ने 50 सबसे शक्तिशाली भारतीय महिलाओं में शामिल किया गया था। वह अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की सदस्य बनने वाली पहली भारतीय महिला थीं।

अपर्णा बावा: जूम की चीफ ऑपरेटिंग अफसर बनीं
अपर्णा बावा टेकनेट की वाइस चेयर हैं और जूम की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने जूम के मुख्य कानूनी अधिकारी रूप में भी काम किया है। भारतीय मूल की अपर्णा का जन्म यूनाइटेड किंगडम में हुआ था।

अंशुला कांत: विश्व बैंक में बनाई अपनी जगह
अंशुला कांत विश्व बैंक समूह की मुख्य वित्तीय अधिकारी और प्रबंध निदेशक हैं। उनकी नियुक्ति 12 जुलाई 2019 को हुई थी। उनका जन्म सात सितंबर 1960 को हआ था। उन्होंने स्टेट बैंक में 35 सालों तक काम किया है। सितंबर 2018 से अगस्त 2019 तक उन्होंने एसबीआई की प्रबंधक निदेशक के रूप में काम किया है।

शोबना कामिनेनी: अपोलो अस्पताल की संस्थापक
शोबना कामिनेनी अपोलो अस्पताल की संस्थापक और अध्यक्ष प्रताप सी रेड्डी की बेटी हैं। उनकी एक बेटी उपासना कोनिडेला ने तेलुगु फिल्मस्टार रामचरण से शादी की है। 2017 से 2018 तक भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने काम किया है। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं।
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