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रेप केस के आरोपी पूर्व सांसद Prajwal Revanna दोषी करार, एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला

रेप केस के आरोपी पूर्व सांसद Prajwal Revanna दोषी करार, एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला

Prajwal Revanna Found Guilty: कर्नाटक की एमपी-एमएलए कोर्ट ने जेडीएस के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में दोषी करार दिया है। रेवन्ना पर हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में नौकरानी से रेप का आरोप था। रेवन्ना पिछले 14 महीनों से जेल में है।

उल्लेखनीय है कि रेवन्ना पर चार अलग-अलग बलात्कार/यौन शोषण मामले दर्ज हैं, अब तक पहला मामला संज्ञान में आया, जिसमें दोषसिद्धि हुई। दोषी करार दिए जाने के बाद रवन्ना कोर्ट से बाहर आते समय भावुक दिखे और रोते भी नजर आए,

जानकारी के मुताबिक निष्कासित जेडीएस नेता और पूर्व लोकसभा सांसद प्रज्वल रेवन्ना को अदालत से बाहर ले जाया गया। जनप्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने उन्हें हासन जिले के होलेनरसीपुरा में एक फार्महाउस पर घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है। उनकी सजा का ऐलान कल किया जाएगा।

मामले में पेश हुए 26 गवाह, बाद आया फैसला

बता दें कि एसआईटी के बाद मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई थी। केस में कोर्ट ने रेवन्ना और सभी 26 गवाहों को सुना। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों ने अपनी दलीलें पेश कीं। पीड़ित पक्ष ने दलील दी कि सबूतों से स्पष्ट रूप से आरोपी का दोषी साबित होता है। वहीं रेवन्ना की कानूनी टीम ने जमानत की अर्जी की। स्थानीय अदालत, कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत की पहले ही खारिज हो चुकी है।

Prajwal Revanna Case: क्या था पूरा मामला?

पिछले लोकसभा चुनाव में प्रज्वल रेवन्ना की कथित तौर पर अश्लील तस्वीरों वाली एक पेन ड्राइव वायरल हुई थी। एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में 31 मई, 2024 को प्रज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार किया था। बाद में केआर नगर की नौकरानी की शिकायत पर पुलिस ने रेवन्ना पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया था। हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में 48 साल की नौकरानी से 2 बार रेप करने का आरोप था।

Prajwal Revanna की पृष्ठभूमि एवं राजनीतिक प्रभाव

कर्नाटक के पंजाबिया गोदावंश से आने वाले प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व प्रधानमंत्री H.D. देवगौड़ा के पोते हैं और 2019 से 2024 तक लोकसभा में हासन से सांसद रहे। मामला सार्वजनिक तब हुआ जब हजारों वीडियो क्लिप अप्रैल 2024 में सोशल मीडिया एवं पेन ड्राइव्स के माध्यम से लीक हुईं। उसके बाद उनके खिलाफ SIT गठित की गई, और वे जर्मनी भाग निकले थे, बाद में इंटरपोल नोटिस के तहत भव्य सुरक्षा के बीच बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए गए थे

इस फैसले ने कर्नाटक की राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है, जेडीएस से उन्हें तुरंत निष्कासित कर दिया गया था और उनका राजनीतिक भविष्य गंभीर संकट में दिख रहा है। विपक्ष और समाजिक संस्थाओं ने इस फैसले को कानून व्यवस्था की जीत बताया है।

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