Kullu News Today: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला न्यायालय ने मादक पदार्थ निषेध अधिनियम (NDPS Act) के तहत एक बड़ा फैसला सुनाया है। सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा की अदालत ने चरस तस्करी के मामले में आरोपी धर्म चंद को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कानूनी प्रक्रियाओं और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला दिया है।
न्यायालय ने सजा के साथ-साथ दोषी पर एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत के आदेश के अनुसार, यदि दोषी जुर्माना राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे तीन वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी ने फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को मादक पदार्थ निषेध अधिनियम की धारा 20 के तहत सख्त सजा सुनाई गई है।

उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला साल 2022 का है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 24 नवंबर 2022 को शाम लगभग 4:25 बजे कुल्लू जिला की विशेष जांच इकाई (SIU) को एक गुप्त सूचना मिली थी। मुख्य पुलिस अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी की और आरोपी धर्म चंद, सुपुत्र सेस राम, को जांच के लिए रोका।
पुलिस टीम द्वारा की गई तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 3.616 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। इस बरामदगी के आधार पर कुल्लू पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 436/22 दर्ज की गई थी।
मामले की प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद कुल्लू पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज और चालान माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ दोष साबित करने के लिए बेहद मजबूत पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए, जिन्होंने मामले की कड़ियों को साबित किया।
दूसरी ओर, आरोपी धर्म चंद ने भी अदालत में अपना बचाव करने का प्रयास किया। आरोपी की ओर से अपना पक्ष रखने और खुद को बेकसूर साबित करने के लिए दो गवाहों की गवाही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखने के बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष के दावों को सही पाया।
सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा की अदालत ने माना कि आरोपी के पास से व्यावसायिक मात्रा में चरस बरामद हुई थी, जो समाज और युवाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। न्यायालय ने सभी 16 गवाहों के बयानों और पुलिस की चार्जशीट को आधार मानते हुए धर्म चंद को धारा 20 के तहत दोषी ठहराया और 14 साल की जेल की सजा मुकर्रर की।
















