Himachal Cloudburst News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित बोह घाटी में हाल ही में हुई बादल फटने की घटना ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शिमला में मौजूद मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू से दूरभाष के माध्यम से बात की और ज़मीनी स्थिति की पूरी जानकारी साझा की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने फोन के जरिए सीधे बोह घाटी के प्रभावित परिवारों से भी बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य ध्यान इस समय प्रभावितों को सुरक्षित स्थान और त्वरित वित्तीय व प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

आपदा प्रबंधन के तहत जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जिन 19 परिवारों के मकान प्राकृतिक आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल राहत सामग्री के तौर पर 25-25 हजार रुपये की नकद वित्तीय सहायता दी गई है। इसके साथ ही इन परिवारों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्रियों से युक्त राहत किट भी उपलब्ध करवाई गई हैं ताकि वे अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा कर सकें।
वहीं दूसरी ओर, जिन 17 परिवारों के मकानों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है, उन्हें भी राहत प्रदान करते हुए 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि तुरंत जारी कर दी गई है। उप-मुख्य सचेतक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बादल फटने के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्ति दोनों को ही व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राहत राशि वितरण के अलावा, उप-मुख्य सचेतक ने मुख्यमंत्री से प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को फिर से सुचारू करने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा अन्य सभी आवश्यक नागरिक सेवाओं को बिना किसी देरी के शीघ्र बहाल करने की अपील की, जिससे ग्रामीणों को दैनिक समस्याओं से निजात मिल सके।
जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सभी बुनियादी सेवाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों और पानी की आपूर्ति जैसी जीवन रेखाओं को युद्ध स्तर पर बहाल किया जाए ताकि आपदा प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने यह भी घोषणा की कि वह बहुत जल्द स्वयं बोह घाटी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और आपदा से हुए कुल नुकसान का प्रत्यक्ष रूप से आकलन करेंगे। इसके साथ ही, मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में राज्य में भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है।


















