Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के मोगीनंद स्थित वुड स्टॉक लैमिनेट्स लिमिटेड में शनिवार दोपहर बाद एक दर्दनाक हादसा सामने आया। फैक्ट्री परिसर में काम करने के दौरान जहरीले सांप के काटने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक मजदूर की पहचान 43 वर्षीय बबलू पुत्र ब्रिज लाल के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के तहसील व जिला बरेली अंतर्गत गांव भटपुरा जागीर, पोस्ट ऑफिस रडथौरा के निवासी थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर बाद जब बबलू फैक्ट्री परिसर में अपना काम कर रहे थे, तभी उन्हें जहरीले सांप ने काट लिया। सर्पदंश के तुरंत बाद बबलू की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक बबलू अपने पीछे पत्नी ननी देवी, दो बेटियों (8 वर्षीय और 2 वर्षीय) तथा एक बेटे को छोड़ गए हैं। इस अचानक हुई दुखद घटना से तीनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

घटना के अगले दिन यानी रविवार शाम को मृतक के परिजन और अन्य मजदूर बबलू के शव को लेकर वुड स्टॉक लैमिनेट्स फैक्ट्री परिसर पहुंचे। मृतक के परिजन और साथी मजदूर फैक्ट्री प्रबंधन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि, आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों की मांगों को काफी देर तक अनसुना कर दिया। प्रबंधन के इस रवैये से आक्रोशित होकर मजदूरों ने शाम को फैक्ट्री गेट के बाहर से पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
घटना और बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही नाहन के SDM राजीव संख्यान शाम करीब 7:00 बजे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आक्रोशित मजदूरों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू करवाई। करीब एक घंटे तक चली मैराथन वार्ता के बाद देर शाम लगभग 8:00 बजे मामले को शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया।
एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक मध्यस्थता के बाद फैक्ट्री प्रबंधन मृतक बबलू के परिजनों को अंतिम संस्कार के तात्कालिक खर्च के लिए 80 हजार रुपये नकद देने पर सहमत हो गया है। इसके साथ ही, पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बरेली (उत्तर प्रदेश) तक सम्मानपूर्वक ले जाने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से एक एम्बुलेंस और एक अन्य वाहन की नि:शुल्क व्यवस्था करवा दी गई है।
मुआवजे के संबंध में आगे की प्रक्रिया को लेकर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार बाकी मुआवजे की राशि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) तथा फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा दो सप्ताह के भीतर मृतक के परिवार को सौंप दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की राहत राशि भी प्रदान की जाएगी।
इस पूरी घटना पर जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने सर्पदंश से मजदूर की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। वहीं, कालाअंब पुलिस थाना की टीम ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया के तहत आगामी जांच शुरू कर दी है।


















