Prajasatta Side Scroll Menu
IEC University Bahra University - Shimla Hills

Bilaspur Bus Accident: एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, घायल बच्चे ने दी मुखाग्नि

Bilaspur Bus Accident: एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, घायल बच्चे ने दी मुखाग्नि

Bilaspur Bus Accident: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरठीं क्षेत्र में भल्लू पुल के पास मंगलवार शाम को हुए एक भीषण बस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। भारी बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे मलबे और चट्टानों की चपेट में आने से एक निजी बस पूरी तरह दब गई, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई। इस त्रासदी ने फगोग गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों को निगल लिया।

बुधवार को जब गांव के श्मशान घाट पर चार चिताएं एक साथ जलीं, तो मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बचे 8 वर्षीय शौर्य ने अपने परिजनों की चिताओं को मुखाग्नि दी, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जानकारी के मुताबिक हादसे में फगोग गांव की अंजना कुमारी, उनके दो बेटों नक्ष और आरव उनकी जेठानी कमलेश कुमारी की दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जाता है कि अंजना और कमलेश अपने मायके गंगलोह थेह से ससुराल फगोग लौट रही थीं। वे मरोतन से घुमारवीं जा रही 32 सीटर निजी बस में सवार थीं, तभी भल्लू पुल के पास शुक्र खड्ड के किनारे पहाड़ी से मलबा और चट्टानें बस पर आ गिरीं। हादसे में बस की छत उखड़कर खड्ड के किनारे जा गिरी, और सारा मलबा यात्रियों पर ढह गया।Bilaspur Bus Accident: एक साथ जलीं परिवार के चार सदस्यों की चिताएं, घायल बच्चे ने दी मुखाग्नि

हादसे में दो भाई-बहन, शौर्य (8 वर्ष) और आरुषि, चमत्कारिक रूप से बच गए। दोनों को मलबे से सुरक्षित निकालकर एम्स बिलासपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देर रात छुट्टी दे दी गई। इस दर्दनाक हादसे में अपने परिवारों के सदस्यों को खोने वाले विपिन और राज कुमार का रो-रो के बुरा हाल है

मीडिया के सामने अपना दर्द बयाँ करते हुए विपिन ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे मेरे दोनों बाजू कट गए हैं। भगवान इतना क्रूर कैसे हो सकता है। उसे मेरे 4 साल का मासूम बच्चा नहीं दिखा? अब जी कर क्या करूंगा। अंजना, आरव या नक्श के रूप में कोई ऐसी याद छोड़ के जाती, जिसके सहारे में जिंदा रह पाता।

शौर्य और आरुषि ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि वे बस की पिछली सीट पर बैठे थे। जैसे ही पहाड़ी से मलबा गिरना शुरू हुआ, वे डर के मारे सीट के नीचे छिप गए, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन इस हादसे में उनकी मां अंजना, चाची कमलेश, और दो चचेरे भाइयों नक्ष व आरव की जान चली गई। शौर्य ने अपने परिवार की चिताओं को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी, जिसे देखकर हर कोई गमगीन हो गया। इस त्रासदी के बाद फगोग गांव में मातम का माहौल है। एक ही परिवार के चार लोगों की चिताओं को देखकर हर कोई स्तब्ध है।

Aaj Ki KhabrenBilaspur district newsBilaspur Himachal updateBilaspur HP newsbilaspur latest newsBilaspur Newsbilaspur news todayBilaspur samachar

Join WhatsApp

Join Now