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Himachal Tourism: रघुवीर सिंह बाली ने निगम के होटलों के निजीकरण पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए..!

Published on: 12 July 2025
Himachal Tourism: रघुवीर सिंह बाली ने निगम के होटलों के निजीकरण पर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए..!

Himachal Tourism News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा हिमाचल टूरिज्म के होटलों के निजीकरण को उनके ही विधायक ने अपनी ही सरकार के फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। नगरोटा बगवां से विधायक और हिमाचल टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HPTDC) के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली ने सरकार द्वारा निगम के 14 होटलों को निजी हाथों में देने के निर्णय का विरोध किया है।

बाली ने इसे जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया और मांग की कि इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाली ने जोर देकर कहा कि यह फैसला बिना पूरी जानकारी के और जल्दबाजी में लिया गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार को इसे लागू करने से पहले इसकी आर्थिक व्यवहार्यता और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बाली ने बताया कि HPTDC की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया था जिसमें 14 होटलों के निजीकरण की बात हो। उनका कहना था कि कैबिनेट ने यह निर्णय अपने स्तर पर लिया, लेकिन सभी जरूरी पहलुओं को ध्यान में नहीं रखा गया।

Himachal Tourism News: HPTDC की आर्थिक स्थिति में सुधार

रघुवीर बाली ने बताया कि वर्तमान में HPTDC के पास तीन श्रेणियों में कुल 56 होटल हैं, जिसमें A श्रेणी के होटल सबसे ज्यादा मुनाफा कमाते हैं, जबकि C श्रेणी के होटल कम लाभकारी हैं। बाली के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाने के बाद निगम की आर्थिक हालत में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि HPTDC ने पहली बार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पहले यह 78 करोड़ रुपये के करीब था और अब यह 109 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

Himachal Tourism News: 40 करोड़ रुपये की देनदारी का भुगतान

बाली ने आगे बताया कि पिछले दो साल से ज्यादा समय में निगम को सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली, इसके बावजूद HPTDC ने अपनी आय से ही संचालन किया और कर्मचारियों के वेतन-पेंशन में कोई रुकावट नहीं आई। साथ ही, निगम ने अपनी मेहनत से 40 करोड़ रुपये की पुरानी देनदारी भी चुकता कर दी है।

बाली का सुझाव था कि अगर सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से मिलने वाली वित्तीय सहायता HPTDC को देती है, तो इन होटलों का नवीनीकरण कर राजस्व को 200 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

इस पूरे प्रकरण से यह साफ है कि हिमाचल प्रदेश में टूरिज्म सेक्टर को लेकर अलग-अलग राय हैं और सरकार के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। बाली की मांग है कि होटलों के निजीकरण से पहले उनकी आर्थिक और दीर्घकालिक संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।

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