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Himachal News: उद्योग मंत्री के गृहक्षेत्र में वनभूमि पर पिछले एक साल से लगातार हो रहा अवैध खनन, प्रशासन बेखबर..!

Himachal News: उद्योग मंत्री के गृहक्षेत्र में वनभूमि पर पिछले एक साल से लगातार हो रहा अवैध खनन, प्रशासन बेखबर..!
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रवि |
Himachal Pradesh News हिमाचल सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के गृह क्षेत्र में पिछले एक साल से लगातार वन भूमि पर अवैध खनन जारी है। खनन माफिया ने वन विभाग और सरकार की नाक के नीचे जंगलों का सीना छलनी कर दिया है। क्षेत्रीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है और समय रहते कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

अवैध खनन से वन भूमि को भारी नुकसान

जानकारी के अनुसार वन बिट शिल्ला और वन बिट टटियाना में सरेआम खनिज चोरी हो रही है। पिछले एक साल में खनिज माफिया ने वन भूमि पर जेसीबी मशीनों के जरिए लाखों टन बजरी निकाली है। यह बजरी राष्ट्रीय राजमार्ग 707, कफोटा से तुणीया सड़क और शिलाई में नाया से ढलवाना मार्ग पर बेचने के लिए इस्तेमाल हो रही है।

प्रशासन और विभागों पर मिलीभगत का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग अवैध खनन पर रोक लगाने में असफल रहे हैं। आरोप है कि विभाग मामूली चालान कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों ने विभागों की मिलीभगत की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह गोरखधंधा अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

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वन भूमि पर बिखरी बजरी के ढेर

तिलोरधार से टिम्बी तक सड़कों पर बजरी के ढेर लगे हुए हैं, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ठेकेदारों को बेची जा रही बजरी से सरकार और वन विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

क्षेत्रीय लोगों का रोष और चेतावनी

खनिज चोरी और वन भूमि के नुकसान से क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे विभाग और सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

सरकार के दावों पर उठे सवाल

जहां एक तरफ सरकार जंगलों को बचाने और अवैध खनन रोकने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खनन माफिया सरकार और न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। वन विभाग की निष्क्रियता और खनिज चोरी पर आंख मूंद लेने से जनता में सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।

वन भूमि पर अवैध खनन के इस गंभीर मामले में प्रशासन और विभागों की उदासीनता ने पर्यावरण और सरकारी संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

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क्या कहते हैं अधिकारी 

उधर श्रीरेणुकाजी वन मंडल के डीएफओ बलदेव राज ने बताया कि इस क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि टीम को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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