Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

Himachal ByElection: हिमाचल उपचुनाव में तर्जनी नहीं, मध्यम उंगली पर लगेगी स्याही

Ink will be applied on middle finger in Himachal byelections, know why this decision was taken

शिमला ब्यूरो |
Himachal ByElection: हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश के देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में 10 जुलाई को उपचुनाव होने हैं। इस उपचुनाव में मताधिकार का प्रयोग करने वाले मतदाताओं की तर्जनी के बजाय मध्यम उंगली पर स्याही लगाई जाएगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग ने जानकारी दी है।

बता दें कि हालिया लोकसभा चुनाव सात चरणों में संपन्न हुआ था। लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में भी वोटिंग हुई थी। इस दौरान मतदाताओं के हाथों की तर्जनी अंगुली पर स्याही लगाई गई थी और अभी तक कई क्षेत्रों के मतदाताओं की उंगली से स्याही नहीं मिट पाई है। इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए मध्यम उंगली पर स्याही लगाने का निर्णय लिया है।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर को खालिस्‍तान समर्थक पन्‍नू ने फ‍िर दी धमकी

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक अधिसूचना में हिमाचल प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग ने हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन जिलों के जिला चुनाव आयुक्तों को बाएं हाथ की तर्जनी के बजाय मध्यम उंगली पर स्याही लगाने का निर्देश दिया है।

10 जुलाई को होगा उपचुनाव (Himachal ByElection:)

हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर, देहरा और नालागढ़ सीट पर 10 जुलाई को उपचुनाव होगा। ये तीनों सीट तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई हैं। तीनों विधायकों ने 27 फरवरी को (राज्यसभा चुनाव में) कांग्रेस के छह बागियों के साथ भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था और बाद में वे 23 मार्च को भाजपा में शामिल हो गये थे। भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल