साइड स्क्रोल मेनू
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)

Himachal News: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग: शांता कुमार

पूर्व CM शांता कुमार Himachal News Himachal Politics: HP NEWS
Preferred_source_publisher_button.width-500.format-webp

पालमपुर |
Himachal News: पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार (Former CM Shanta Kumar) ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जिन्हें भारत सरकार के सबसे सफल विभाग के सबसे सफल मंत्री के रूप में माना जाता है, ने बताया है कि भारत सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में इतना बदनाम है कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में उन्हें अपना चेहरा छुपाना पड़ता है। भारत में सड़क दुर्घटनाएं सबसे अधिक होती हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सड़क हादसों में 1.5 लाख लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 1.75 लाख हो गई है। इनमें से 30,000 मौतें केवल हेलमेट न पहनने की वजह से हुईं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में न तो कानून का आदर है और न ही कानून का डर, यही सबसे बड़ा कारण है।

शांता कुमार ने कहा कि कई रिपोर्टों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और हेलमेट न पहनना है। उन्होंने कहा कि बहुत से युवा जल्दबाजी और मूर्खता के कारण लापरवाह तरीके से वाहन चलाते हैं।

इसे भी पढ़ें:  Rashtrapati Nivas Chharabra:राष्ट्रपति निवास छराबड़ा में भी टौर के पत्तल में परोसी जाएगी धाम

उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का पालन सख्त सजा के डर के बिना संभव नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन देशों में सख्त सजा का प्रावधान है, वहां अपराध काफी कम होते हैं। भारत में कानून का न तो आदर होता है और न ही उसका डर। इसी कारण इन दुर्घटनाओं और मौतों की जिम्मेदारी उस सरकार पर है, जो सख्त सजा का प्रावधान बना सकती है।

शांता कुमार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) से आग्रह किया है कि पूरे देश के लिए सख्त कानून बनाए जाएं, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शर्मिंदा न होना पड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि तेज रफ्तार, शराब पीकर गाड़ी चलाना और हेलमेट न पहनने जैसे अपराधों में ₹25,000 से ₹50,000 तक जुर्माना और 3 महीने से 6 महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सजा तय की जाए।

उन्होंने कहा कि जैसे ही इस कानून का प्रचार शुरू होगा, सड़क दुर्घटनाएं कम होने लगेंगी। साथ ही, जुर्माने के रूप में करोड़ों रुपये सरकारी खजाने में आएंगे और दुर्घटनाएं कम होने से सैकड़ों लोगों की जान बचेगी।

Join WhatsApp

Join Now