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Himachal में शराब ठेकों की नीलामी से 2,700 करोड़ राजस्व का लक्ष्य, कैबिनेट बैठक में होगा फैसला..!

Himachal में शराब ठेकों की नीलामी से 2,700 करोड़ राजस्व का लक्ष्य, कैबिनेट बैठक में होगा फैसला…!
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Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने शराब ठेकों की नीलामी को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी की है। इसके लिए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhwinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक कल यानी 3 मार्च सोमवार को शिमला में बुलाई गई हैं। 3 मार्च को होने वाली कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मार्च के दूसरे सप्ताह से नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। प्रदेश में करीब 2,100 शराब ठेके हैं और सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2025 तक 2,700 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने शराब ठेकों की नीलामी का फैसला लिया था, जिससे राजस्व में 40% की वृद्धि हुई। इस बार भी नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, नीलामी से होने वाली आय नवीनीकरण के मुकाबले काफी अधिक है। नए वित्तीय वर्ष 2025 -26 के लिए नीलामी राशि तय करने का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा।

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गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए शराब ठेकों की नीलामी (Himachal Liquor Vends Auction) और नवीनीकरण से सरकार को अधिक राजस्व मिले, इसके लिए विभागीय स्तर पर गहन विचार-विमर्श किया गया है। मंत्रिमंडल को इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी, इसके बाद अब कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार को यह तय करना है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए किस प्रक्रिया को अपनाया जाए। नीलामी से अधिक राजस्व मिलने की संभावना है, लेकिन नवीनीकरण भी एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। मंत्रिमंडल में विस्तृत में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। वहीं इस बार नीलामी राशि काफी अधिक होने के कारण कई ठेके बिक नहीं पाने की आशंका भी है। ऐसे में 10% बढ़ोतरी के साथ नवीनीकरण को भी एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

क्या होगा नई नीति का आधार?

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने 2023 में लागू की गई नई आबकारी नीति के तहत नीलामी प्रक्रिया से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। अब सरकार 2025-26 के लिए नई नीति पर विचार कर रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, नीलामी प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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