Dehra MLA Fund Case: देहरा में विधायक ऐच्छिक निधि मामले की चल रही विजिलेंस जांच के बीच पूर्व विधायक होशियार सिंह के बड़े भाई कुलवंत सिंह ने रविवार को मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आते हुए कुलवंत सिंह ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर आरोप का जवाब तथ्यों, बैंक रिकॉर्ड और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर देंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान कुलवंत सिंह ने खुलासा किया कि वर्ष 2015 से पूर्व विधायक होशियार सिंह की राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों में उनकी कंपनी की ओर से निरंतर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता रहा था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक आयोजनों, स्कूलों के कार्यक्रमों, चुनाव प्रचार तथा अन्य गतिविधियों में कंपनी के माध्यम से धन खर्च किया गया था। इस पूरे खर्च का रिकॉर्ड उनके पास पूरी तरह सुरक्षित और उपलब्ध है।

कुलवंत सिंह ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि कंपनी के संचालन के दौरान कई वित्तीय निर्णय उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे। उन्होंने कहा कि बैंक रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज इस पूरे मामले की सच्चाई को उजागर करने के लिए पर्याप्त हैं। उनके अनुसार यह विवाद किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे कारोबारी और पारिवारिक मतभेद का नतीजा है।
कारोबार से जुड़े कई समझौतों का पालन न किए जाने से दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। कुलवंत सिंह के मुताबिक, कंपनी में शेयर ट्रांसफर को लेकर तीसरे भाई के साथ एक लिखित एग्रीमेंट हुआ था, जिसकी तय शर्तों का बाद में उल्लंघन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब होशियार सिंह तीसरे भाई के साथ मिलकर उन्हें कंपनी से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया था और इससे जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं।
अपने पक्ष को मजबूती से रखते हुए कुलवंत सिंह ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज होती है, तो वे कानून के दायरे में रहकर अपना पक्ष रखेंगे। वे पूर्व में भी पुलिस के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां जब भी उन्हें बुलाएंगी, वे पूरे रिकॉर्ड और सबूतों के साथ जांच में सहयोग करेंगे।
उन्होंने इस बात का खंडन किया कि इस प्रेस वार्ता के पीछे किसी राजनीतिक दल या नेता का हाथ है। कुलवंत सिंह ने दोहराया कि उनका एकमात्र मकसद जनता और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखना है, ताकि निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।


















