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Mandi News: जड़ोल स्कूल के बच्चों की जान जोखिम में, ओवरब्रिज नहीं होने से बड़े हादसे का डर, प्रशासन कब जागेगा..?

Mandi News: जड़ोल स्कूल के बच्चों की जान जोखिम में, ओवरब्रिज नहीं होने से बड़े हादसे का डर, प्रशासन कब जागेगा..?

विजय शर्मा | सुंदरनगर
Mandi News: उपमंडल सुंदरनगर का गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जड़ोल, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन के साथ स्थित है। जिसके चलते स्कूल की छुट्टी के बाद सैंकड़ों बच्चे तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करने को मजबूर हैं। NHAI की लापरवाही के चलते यहां ओवरब्रिज की कोई सुविधा नहीं है, जिस कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

जिससे स्कूल में पढ़ रहे सैंकड़ों छात्र-छात्राओं का जीवन संकट में पड़ सकता है। जड़ोल के स्थानीय लोग और स्कूल प्रबंधन कई बार प्रशासन और NHAI से ओवरब्रिज की मांग कर चुके हैं। स्थानीय विधायकों को भी कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा गया है।


समस्या को हल करवाने की हामी भरने के बाद सभी ने इस मांग को अनदेखा कर दिया है। ऐसे में स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि अगर कोई बड़ी दुर्घटना हुई, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? स्कूल प्रबंधन, सुंदरनगर प्रशासन, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), या हमारे जनप्रतिनिधि?

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स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक NHAI के इंजीनियर अमित कुमार लंबे समय से आश्वासन दे रहे हैं, पर अब उनका भी यही कहना है कि “अभी कोई अप्रूवल नहीं मिला। अप्रूवल मिलने पर ही काम शुरू होगा।” यानि की आम लोगों के बच्चों के जीवन पर हमेशा खतरा बना रहेगा।

ऐसे में स्कूल प्रबंधन समिति, जड़ोल पंचायत, युवक मंडल, और फोरलेन संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ओवरब्रिज नहीं बना, तो वे चक्का जाम करेंगे। स्थानीय लोगों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। उनका कहना है कि चक्का जाम या किसी हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन और NHAI की होगी।

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लोगों की मांग है कि NHAI तुरंत ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करे। जब तक यह नहीं बनता, ट्रैफिक पुलिस और स्पीड ब्रेकर की व्यवस्था हो। प्रशासन और NHAI की जवाबदेही तय हो, और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएं। जड़ोल के बच्चों की सुरक्षा के लिए अब और इंतजार नहीं हो सकता। स्थानीय लोगों ने हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले में हस्तक्षेप का हल करवाने की मांग की है।

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