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मनीष सिसोदिया पर भाजपा का बड़ा हमला

BJP On Manish Sisodia

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली की अदालत की ओर से मनीष सिसोदिया की जमानत खारिज किए जाने के बाद भाजपा ने आप पर पलटवार किया है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शराब घोटाले में आरोपी मनीष सिसोदिया को राहत देने से कोर्ट ने मना क्यों किया? मनीष सिसोदिया और कंपनी को ₹100 करोड़ का घूस मिला है और ये कोर्ट के माध्यम से सत्यापित हो चुका है।

पूनावाला ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि जो सबूत प्रस्तुत किए गए हैं उसकी समीक्षा करते हुए ये कहा जा सकता है कि मनीष सिसोदिया ईमानदार नहीं बल्कि इस भ्रष्टाचार नीति के कर्ता-धर्ता हैं। उन्होंने कहा कि पहले से ही ये तय था कि सरकार की हर इकाई, GoM और कैबिनेट क्या निर्णय लेने वाले हैं।

पूनावाला बोले- सीएम के बिना कोई फैसला नहीं हो सकता

पूनावाला ने कहा कि इसका मतलब ये है कि पहले ही सरकार के सर्वोच्च व्यक्ति से चर्चा करके इस पूरे स्कैम को सक्रिय किया गया, क्योंकि GoM और कैबिनेट में जो फैसला लेगा वह मुख्यमंत्री की मान्यता के बिना हो ही नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि शराब ठेकेदारों का कमीशन 2% से 12% किया गया, उसमें से 6% किक बैक करके वापस आना था तो ये सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं ये उगाही का भी मामला है।

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शहजाद ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि अगर इस व्यक्ति (मनीष सिसोदिया) को छोड़ दिया गया तो ये व्यक्ति स्वयं या इसका कोई साथी… प्राइम गवाह को डराएगा-धमकाएगा इसलिए इसकी बेल को खारिज किया जा रहा है। शराब घोटाले में आरोपी मनीष सिसोदिया को राहत देने से कोर्ट ने मना क्यों किया? उन्होंने कहा कि आज कोर्ट द्वारा 3 निष्कर्ष सामने आए हैं- 1. प्रथम दृष्टया मनीष सिसोदिया द्वारा 100 करोड़ की घूस ली गई है। 2. शराब घोटाला किसी ‘व्यक्ति’ का नहीं, बल्कि ‘संस्थागत’ है। 3. जांच में बाधा आ रही है।

शहजाद बोले-  पीएम की डिग्री मांगना, ध्यान भटकाने की साजिश थी

पूनावाला ने रविवार को अरविंद केजरीवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्रियों का विवरण मांगने के लिए निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री की असली मंशा आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाना था, जब एक अदालत ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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पूनावाला ने तीखा हमला करते हुए कहा कि केजरीवाल प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी मांगने की आड़ में इस मुद्दे को भ्रष्टाचार से भटका रहे हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया, “यह निम्न दर्जे की राजनीति मुद्दों को भटकाने का एक बहाना है… असली मंशा मनीष और केजरीवाल के भ्रष्टाचार को छिपाने की है।”

गुजरात उच्च न्यायालय ने मुख्य सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को रद्द कर दिया है और फैसला सुनाया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री और स्नातकोत्तर डिग्री प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। हाई कोर्ट ने केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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