Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

शिमला में मानव कल्याण सेवा समिति द्वारा नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शिमला में मानव कल्याण सेवा समिति द्वारा नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

शिमला |
हिमाचल प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा वित्त पोषित और मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल जिला शिमला द्वारा संचालित CPLI योजना के अंतर्गत, विशेष रूप से नगर निगम शिमला में चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, आज दिनांक 7 जून 2024 को सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल और गवर्मेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल भट्टाकुफर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल द्वारा संचालित CPLI योजना के एरिया कॉर्डिनेटर श्री दीपक सुंदरियाल ने जानकारी दी कि शिमला नगर निगम के अंतर्गत सभी वार्डों में बच्चों एवं युवाओं से संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसी कड़ी में, सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल और गवर्मेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल भट्टाकुफर में किशोरों में नशे के बढ़ते प्रचलन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इसे भी पढ़ें:  IPS Ilma Afroz Controversy: IPS इल्मा अफ़रोज़ को DGP दफ्तर में मिली तैनाती, हाईकोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा

कार्यक्रम में किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों से बचने हेतु आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित स्टाफ से भी विषय की गंभीरता पर विस्तृत चर्चा की गई और समस्या के समाधान हेतु स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने पर बल दिया गया। इस अवसर पर वार्ड से पियर एडुकेटर अथर्व भाटिया और संजीव कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संस्था के ट्रेनर वीरेंद्र कुमार और नीलम चौहान द्वारा युवाओं को नशा न करने की शपथ भी दिलवाई गई और उन्हें नशे के खिलाफ एकजुट होकर अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में सहयोग देने का आग्रह भी किया।

इसे भी पढ़ें:  दु:खद! बंदर के डर से घर की तीसरी मंजिल से गिरने पर युवती की मौत
YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल