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Sirmour News: कैप्टन सलीम अहमद बोले-राजीव बिंदल की अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं..!

Sirmour News: कैप्टन सलीम अहमद बोले - राजीव बिंदल की अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं
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Sirmour News:  जिला सिरमौर मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने माजरा प्रकरण को लेकर डा. राजीव बिंदल द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय पर की गई टिप्पणियों पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

शनिवार को नाहन में आयोजित प्रेस वार्ता में सिरमौर मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन सलीम अहमद ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं नाहन के पूर्व विधायक डा. राजीव बिंदल को सलाह देते हुए कहा कि हम तो गंगाजल भी पीते हैं और आब-ए-जमजम भी।

यहां अर्थी को कंधा सलीम, मुबारक, आमिर भी देता हैं, तो वहीं जनाजे को कंधा रमेश, अशोक सहित शर्मा जी, तोमर जी भी देते हैं। ये सब कब्रिस्तान में जनाजे के बाद मिट्टी भी डालते हैं और हम मोक्षधाम में जाकर चिता के ऊपर लकड़ी भी। हम जगन्नाथ यात्रा में पुष्प वर्षा भी करते हैं और प्रसाद भी चढ़ाते हैं। यहां ताजियों पर आकर शीश भी नवाया जाता है, तो ईद पर हिंदू-मुस्लिम एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद भी देते हैं।

उन्होंने कहा कि हम ईद की सेवियां भी खाते हैं और प्रसाद भी। विरासत में मिले इस आपसी सौहार्द के चलते यहां हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के बीच कोई भेदभाव नहीं है। ऐसे में बिंदल साहब आप इस आपसी भाईचारे और सौहार्द को खराब करने की कोशिश न करें।

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कैप्टन सलीम अहमद ने सवाल किया कि माजरा प्रकरण में हुए प्रदर्शन के दौरान क्या किसी भाजपा नेता का बेटा शामिल था या कभी होता है? नहीं, क्योंकि ऐसे प्रदर्शनों में सिर्फ आम और गरीब लोग होते हैं।

बिंदल और सुखराम जी ने तो हाईकोर्ट में जाकर जमानत करवा ली, लेकिन जिन अन्य 50 लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी जमानत कौन करवाएगा। भीड़ एकत्रित कर भाजपा नेताओं ने अपनी राजनीतिक रोटियां तो सेंक लीं, लेकिन अब इस प्रकरण में आम और गरीब आदमी फंसकर रह गया है, जिसे वकीलों की मोटी फीस और अदालत के चक्कर काटने पड़ेंगे।

कैप्टन सलीम ने कहा कि राजीव बिंदल एक बहुत ही सुलझे हुए राजनीतिज्ञ हैं, लेकिन गत 14 जून को माजरा प्रकरण के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ जो टिप्पणियां की, वह नाकाबिले बर्दाश्त हैं और न ही अल्पसंख्यक समुदाय ऐसी राजनीति को किसी भी सूरत में बर्दाश्त करेगा।

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