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Khan Sir Interview: खान सर का तीखा बयान “अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करें, कोई सहानुभूति नहीं”

Published on: 21 June 2025
Khan Sir Interview: खान सर का तीखा बयान "अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करें, कोई सहानुभूति नहीं"

Khan Sir Interview: देश के प्रसिद्ध शिक्षक और सामाजिक टिप्पणीकार खान सर ने हाल ही में एक ANI को दिए एक साक्षात्कार में बिहार की राजनीति, सामाजिक समस्याओं और अपराध के खिलाफ सख्ती पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा, “अगर कोई नौटंकी करता है तो उसे नौटंकी की तरह, और अगर राक्षस है तो राक्षस की तरह मारें।

खान सर ने कहा कि अपराधी के लिए कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने योगी आदित्यनाथ को लेकर कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वक्त उन्हें होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, जैसे “मछली की आंख नहीं, पूरी मछली उड़ाई जाए।”

नीतीश कुमार की तारीफ, लेकिन स्वास्थ्य पर सवाल

खान सर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार के लिए “वरदान” बताया और उनके द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के खराब स्वास्थ्य के कारण अब उनके स्थान पर अन्य लोग निर्णय ले रहे हैं, जिसे उन्होंने “Nokia को iPhone के डिब्बे में बेचने” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि नीतीश अभी भी बिहार के “लाडले” हैं और जब तक हैं, तब तक राजनीति में बने रहेंगे, जैसे नवीन पटनायक। लेकिन, उन्होंने चिंता जताई कि जद(यू) और भाजपा के पास नीतीश के अलावा कोई बड़ा चेहरा नहीं है।

प्रशांत किशोर और बिहार की नई उम्मीद

प्रशांत किशोर की चर्चा करते हुए खान सर ने कहा कि वे बिहार में नई उम्मीद लेकर आए हैं। उनकी पदयात्रा को चंद्रशेखर आजाद की तरह बताया और कहा कि गांव-गांव घूमकर वे जमीनी समस्याओं को समझ रहे हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर की आलोचना करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी “कमी” सिर्फ यह बताई जा रही है कि वे “फॉरवर्ड जाति” से हैं। खान सर ने इसे हास्यास्पद बताते हुए कहा कि किसी की मेहनत को जाति के आधार पर नहीं आंकना चाहिए।

पुलिस सुधार और नक्सलवाद

खान सर ने पुलिस सुधार पर जोर देते हुए कहा कि समस्या पुलिस में नहीं, बल्कि थानों में है। आम जनता डीजीपी या एसएसपी को नहीं, बल्कि दरोगा और सिपाही को जानती है। उन्होंने कहा कि थानों को मजबूत करने और पुलिस स्टेशनों में सुधार से ही नक्सलवाद जैसी समस्याएं खत्म हुई थीं।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर टिप्पणी

राहुल गांधी की बार-बार असफलता के बावजूद मेहनत और दृढ़ता की तारीफ करते हुए खान सर ने कहा कि उनकी लगन काबिल-ए-तारीफ है, भले ही यह पार्टी की मजबूरी हो। तेजस्वी यादव के बारे में उन्होंने कहा कि लालू यादव ने उन्हें आगे बढ़ाकर सही किया, क्योंकि तेजस्वी रोजगार और महंगाई जैसे वास्तविक मुद्दों पर बात करते हैं। उन्होंने बिहार में जातिगत भेदभाव पर भी टिप्पणी की और कहा कि ऊंची जाति के अपराधी को “बाहुबली” और निचली जाति के अपराधी को “गुंडा” कहा जाता है, जो सामाजिक असमानता को दर्शाता है।

दहेज और उच्च शिक्षा पर सुझाव

खान सर ने दहेज प्रथा के खिलाफ कड़े कदम उठाने की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को डिग्री देते समय एक शपथ पत्र साइन कराना चाहिए कि अगर कोई दहेज लेते या देते पकड़ा गया, तो उनकी डिग्री रद्द की जा सकती है।

इसके अलावा, उन्होंने दहेज में दी जाने वाली गाड़ियों के लिए “पिंक नंबर प्लेट” की अनोखी मांग रखी, ताकि समाज में इसे आसानी से पहचाना जा सके। नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में उन्होंने कहा कि यह अब जॉब-ओरिएंटेड शिक्षा देने में सक्षम नहीं है और बिहार में उच्च शिक्षा की स्थिति “नाकाफी” है।

गवर्नर से मुलाकात और शिक्षा पर बात 

खान सर ने बिहार के गवर्नर से अपनी मुलाकात का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालयों को समय पर चलाने और शिक्षा की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा “लगभग खत्म” है और इसे सुधारने की जरूरत है।

विकास दुबे और योगी मॉडल पर बेबाकी से रखी राय 

खान सर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध के खिलाफ सख्त रवैये की तारीफ की और विकास दुबे के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों को “नौटंकी” करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार संगठनों को गंभीर अपराधों जैसे एसिड हमले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

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