Solan News: सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र में जेसीबी एवं पोकलेन ऑपरेटर संगठन की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ऑपरेटरों के हितों की रक्षा करना, कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और वेतन से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थाई समाधान निकालना था।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से ऑपरेटरों के पक्ष में कई कड़े फैसले लेते हुए नई नियमावली जारी की है। संगठन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इन सभी नए नियमों और निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

संगठन द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार, यदि कोई भी वाहन मालिक किसी ऑपरेटर के साथ दुर्व्यवहार या बदसलूकी करता है, तो संगठन ऐसे मालिक को ब्लैकलिस्ट करेगा और उसे भविष्य में कोई भी ऑपरेटर उपलब्ध नहीं कराएगा।
इसके साथ ही वेतन के नए मानक तय किए गए हैं, जिसके तहत बैकहो लोडर (JCB) ऑपरेटर के लिए न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रति माह और पोकलेन ऑपरेटर के लिए ₹35,000 प्रति माह निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, मालिकों को ऑपरेटरों को रहने और खाने की नि:शुल्क सुविधा भी अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी।
वेतन के भुगतान को लेकर भी समय-सीमा तय की गई है। सभी वाहन मालिकों को हर महीने की 10 तारीख से पहले ऑपरेटरों का वेतन चुकाना अनिवार्य होगा। यदि कोई मालिक तय समय पर वेतन का भुगतान नहीं करता है, तो संगठन उस मालिक को सेवाएं देने से मना कर देगा। बैठक में कामकाजी घंटों पर विचार करते हुए प्रतिदिन 8 घंटे की ड्यूटी तय की गई है। निर्धारित समय से अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का अलग से भुगतान करना होगा, जिसमें पोकलेन के लिए ₹200 प्रति घंटा और ब्रेकर चलाने पर ₹200 प्रति घंटा की दर निर्धारित की गई है।
कर्मचारियों के कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संगठन ने कई अन्य कल्याणकारी कदम उठाए हैं। अब से प्रत्येक ऑपरेटर को हर महीने 4 दिनों का मासिक अवकाश दिया जाएगा। इसके अलावा, नए ऑपरेटरों का स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा करवाना मालिक के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, सभी ऑपरेटरों और कर्मचारियों का पीएफ (प्रोविडेंट फंड) काटना भी बाध्यकारी होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई मालिक ऑपरेटर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है या वेतन रोकता है, तो उसके खिलाफ लेबर कोर्ट (श्रम अदालत) में कानूनी मामला दर्ज कराया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। तय दरों से कम वेतन पर काम करने वाले ऑपरेटरों और उन्हें रोजगार देने वाले मालिकों, दोनों के खिलाफ संगठन सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य ऑपरेटरों के अधिकारों की रक्षा करना और क्षेत्र में पारदर्शी कार्य व्यवस्था स्थापित करना है।
बैठक के अंतिम चरण में सर्वसम्मति से संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें कमल कुमार को संगठन का प्रधान चुना गया, जबकि प्रदीप ठाकुर को उप प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा विजय कुमार को अध्यक्ष, नवीन कुमार को सचिव, अमनदीप को सहसचिव, राम रतन को कोषाध्यक्ष और गुरुदेव सिंह को मुख्य सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया। कार्यकारिणी के सभी नए सदस्यों ने नियमों का सख्ती से पालन कराने का संकल्प लिया।


















