Phone Tapping in Himachal: फिर जागा फोन टैपिंग का जिन्न,नेता प्रतिपक्ष ने BJP विधायकों के फोन टैप का लगाया आरोप

Phone Tapping in Himachal : समय समय पर फोन टैपिंग का ये जिन्न सियासी चिराग से बाहर निकल जाता है।

Phone Tapping in Himachal
फोन टैपिंग का जिन्न

प्रजासत्ता ब्यूरो | 21 सितम्बर
Phone Tapping in Himachal: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का सर्द मौसम फोन टैपिंग के बवाल से गरम हो गया है। हालांकि यह विवाद नया नहीं है लेकिन समय के साथ-साथ नया होता जाता है। क्योंकि जो भी पूर्व सरकार विपक्ष में होती है, वह सत्तासीन सरकार पर अकसर यह आरोप लगा ही देती है कि विपक्षी दल के नेताओं के फोन टैप किये जा रहे हैं। हालांकि ऐसे आरोपों का कोई प्रमाण नहीं होता लेकिन प्रदेश और देश के मीडिया में सुर्खियाँ जरुर मिल जाती है।

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गुरुवार को भी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि BJP विधायकों के फोन टैप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी हासिल करने के बाद वह यह बात कर रहे हैं, और लोग भी कह रहे हैं कि उनके फोन भी टैप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू भी इसका जवाब नहीं दे पाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह परंपरा अच्छी नहीं है। मुख्यमंत्री को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।

बता दें कि वर्ष 2008 ,2012 ,2013 में हिमाचल की सियासत (Phone Tapping in Himachal) में इस तरह के आरोप लगने शुरू हुए थे। उस दौरान कांग्रेस नेताओं ,कुछ नौकरशाह, बीजेपी के विक्षुब्ध नेताओं और पत्रकारों के भी फोन टैप की खबरें मीडिया की सुर्ख़ियों में रही थी। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के सत्ता संभालने के रोज ही सीआईडी मुख्यालय के कंप्यूटर से एक हार्ड डिस्क जब्त किया गया था।

Phone Tapping in Himachal के मामले ने देश में बटोरी थी सुर्खियाँ

वहीँ देश की राजधानी दिल्ली में अगर पूर्व बीजेपी नेता अरुण जेटली के फोन कॉल्स की जासूसी पर सियासत खूब गर्म हुई थी। इस मामले में हिमाचल प्रदेश में फोन टैपिंग (Phone Tapping in Himachal) के आरोपों की जांच कर रही एक तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट आई थी। वीरभद्र सरकार ने  इस संबंध में एक मामला भी दर्ज किया गया। तत्कालीन डीजीपी आईडी भंडारी को फोन टैपिंग मामले में गाज गिरी थी। तत्कालीन सरकार सैकड़ों फोन टैप करने के आरोप लगाती रही, मगर बाद में ये कोर्ट में साबित नहीं हो पाए। उसके बाद में आईडी भंडारी ने झूठा मामला बनाने के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।

गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रेमकुमार धूमल तो इस संबंध में एक-दूसरे की सरकारों पर अपने और अन्य राजनेताओं के फोन टैप करने के आरोप तक लगा चुके हैं। हिमाचल की पूर्व जयराम सरकार पर भी कांग्रेस नेताओं ने जासूसी और फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे,वहीँ अब वर्त्तमान सरकार पर पूर्व सीएम और विपक्षी नेता जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश की पिछली सरकारों में फोन पर जासूसी (Phone Tapping in Himachal) एक बड़ा मुद्दा रह चुका है। देश भर में बहुचर्चित पैगासस प्रकरण के बाद राज्य के कई राजनेताओं के भी कान खडे़ हो गए हैं। लेकिन इस मामले निकल कर कुछ सामने नहीं आया हाँ ये बात अलग है कि समय समय पर फोन टैपिंग का ये जिन्न सियासी चिराग से बाहर निकल जाता है।

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