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Mandi News: पारंपरिक परिधानों और लजीज व्यंजनों से कमा रही हैं अच्छा आर्थिक लाभ बरोट गाँव की दो महिलाएं

Mandi News: पारंपरिक परिधानों और लजीज व्यंजनों से कमा रही हैं अच्छा आर्थिक लाभ बरोट गाँव की दो महिलाएं
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प्रताप अरनोट |
Mandi News: आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। प्रदेश के सभी पर्यटक स्थलों पर महिलाएं अपने क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाकर पर्यटकों को परोस रही हैं, जिसे पर्यटक भी बहुत पसंद कर रहे हैं। अपनी संस्कृति को बढ़ावा देते हुए स्थानीय वेश-भूषा में पर्यटकों को सजाकर महिलाएं अच्छा आर्थिक लाभ कमा रही हैं। पर्यटक पारंपरिक परिधानों में परिवार और सगे संबंधियों के साथ रोमांचित होते हुए पालतू जानवरों के साथ अपने-अपने कैमरों में कैद हो रहे हैं, जिससे प्रदेश की स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के अच्छे अवसर मिल रहे हैं।

मंडी जिले की चौहार घाटी में भी पर्यटकों का तांता लगना शुरू हो गया है। गत कई वर्षों से पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के खुले मैदान में दुर्गा माता मंदिर के समीप, बिजली बोर्ड द्वारा निर्मित पानी के फव्वारे का पर्यटक भरपूर आनंद ले रहे हैं। इस स्थान पर प्रतिवर्ष पर्यटन सीजन के दौरान लगभग दो माह तक अस्थाई तौर पर बरोट गांव की दो विवाहिता सगी बहनें मंजुला देवी और सुमना देवी स्थानीय वेश-भूषा के परिधानों से पर्यटकों को सजा कर अच्छी कमाई कर रही हैं। दोनों बहनें बाबा बालक नाथ की परम भक्त हैं और यहाँ आने वाले सभी पर्यटकों तथा स्थानीय राहगीरों का मधुर भाषा में ‘जय बाबे’ का उच्चारण कर स्वागत करती हैं।

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दोनों बहनों का मधुर स्वभाव देखकर सभी पर्यटक उनकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। मंजुला देवी और सुमना देवी ने बताया कि उन्होंने पर्यटकों को पारंपरिक परिधानों से संवारने के लिए अस्थाई स्टॉल लगाया है, जिसमें प्रदेश भर में विभिन्न रंगों की टोपियाँ, महिला एवं पुरुष के स्थानीय परिधान, सजाने के लिए गहने और हार-श्रृंगार की सभी प्रकार की सामग्री रखी हुई है। उन्होंने बताया कि एक पर्यटक को पूरे परिधान से संवारने का मात्र एक सौ रूपए लेते हैं जबकि टोपी पहनने का कोई पैसा नहीं लेते।

उन्होंने बताया कि दोनों बहनें अच्छी खासी कमाई कर लेती हैं। वहीं, पूरे हार-श्रृंगार के साथ सजने वाले पर्यटक बेहद खुशी व्यक्त करते हुए आपस में एक-दूसरे के फोटो अपने कैमरों में कैद कर लेते हैं। इसके साथ ही, उसी स्थान पर दूसरे किनारे पर बरोट के युवक ने झूलने का इंतजाम किया है। यहाँ आने वाले शौकीन पर्यटक झूलने का भरपूर आनंद उठाते हैं और फव्वारे से निकलने वाले ठंडे पानी की बौछारों से नहाने का भी मजा लेते देखे जा सकते हैं।

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