Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Qatar Navy Men Case: कतर की जेल से रिहा किए गए पूर्व नौसैनिक, लौटे स्वदेश

Qatar Navy Men Case dismissed, former sailors returned home

प्रजासत्ता नेशनल डेस्क |
Qatar Navy Men Case : कतर ने कथित जासूसी के आरोप में खाड़ी देश में हिरासत में लिए गए आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को रिहा कर दिया है, जिसका भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय नई दिल्ली ने कहा कि आठ में से सात भारतीय नागरिक स्वदेश लौट आए हैं। यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत हैं


विदेश मंत्रालय (एमईए) ने आज सुबह जारी एक बयान में इस घटनाक्रम का स्वागत किया और कहा कि एक निजी कंपनी अल दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों में से सात कतर से भारत लौट आए।  मंत्रालय ने आगे कहा, ‘हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी सुनिश्चित करवाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं। ‘

इसे भी पढ़ें:  PM Modi In Parliament Live: राज्यसभा में दोपहर 2 बजे PM मोदी देंगे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब

परिजनों ने लगाई थी रिहाई की गुहार
दरअसल, आठों भारतीयों की रिहाई के लिए कतर और भारत के बीच राजनयिक वार्ता चल रही थी। इसका नतीजा ये हुआ कि नौसैनिकों की मौत की सजा को बढ़ी हुई जेल की सजा में बदल दिया गया। जेल में रहने की अवधि और भी ज्यादा छोटी गई, जब भारतीयों के परिजनों ने विदेश मंत्रालय से उनकी रिहाई के लिए गुहार लगाई। परिजनों की परेशानी को समझते हुए मंत्रालय ने सभी कानूनी उपायों और कूटनीतिक रास्तों के जरिए उन्हें रिहा करवा लिया है।

किस केस में कैद थे पूर्व नौसैनिक?
कतर की जेल में कैद रहने वाले आठों भारतीय पहले नौसैना में काम करते थे। इनके ऊपर कथित तौर पर कतर के सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का आरोप था, जिसके बाद आठों को गिरफ्तार किया। ये लोग अक्टूबर, 2022 से ही कतर की जेल में बंद थे। कतर की अदालत ने आठों भारतीयों को जासूसी का दोषी भी पाया, जिसके बाद इन्हें मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि, अदालत के फैसले में इन्हें किस चीज का दोषी पाया गया, उसे सार्वजनिक नहीं किया गया।

इसे भी पढ़ें:  Vivad se Vishwas 2.0: सरकार ने टैक्सपेयर्स के लिए लाई ये विशेष योजना. जानें इसकी विशेषताएं

विदेश मंत्रालय ने अदालत के फैसले को काफी हैरानी भरा बताया था। मंत्रालय ने कहा था कि वे भारतीयों के खिलाफ लगे आरोपों से उन्हें मुक्त करवाने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का सहारा लेंगे।

इस केस में बड़ी हलचल तब हुई, जब पिछले साल कतर की अदालत ने भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद भारतीय नागरिकों की मौत की सजा को कम कर दिया। पूर्व नौसैनिकों की मौत की सजा को जेल में बिताए जाने वाले वर्षों के रूप में बदल दिया गया। बता दें कि 25 मार्च, 2023 को भारतीय नागरिकों के खिलाफ आरोप दायर किए गए और उन पर कतरी कानून के तहत मुकदमा चलाया गया था।

इसे भी पढ़ें:  Taj Hotel Bomb Threat: 'मुंबई के ताज होटल में दाऊद ने बम रखवाया है', आधी रात धमकी भरे कॉल से मचा हड़कंप

Qatar Navy Men Case: बड़ी राहत ! मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को अब नहीं मिलेगी फांसी

पेटीएम को लगा एक और झटका, Paytm Payment Bank के डायरेक्टर का इस्तीफा

Supreme Court on Post of Deputy CM: राज्यों में उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा बयान

Bilaspur News: एम्स में MBBS के छात्र ने चौथी मंजिल से कूदकर दी जान

Government Jobs in HP: आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी और अन्य पदों के लिए आवेदन करें!

Aaj Ki Khabrenbreaking news todaydaily news IndiaEnforcement DirectorateIndia government newsIndia politics newslatest hindi newslatest news Indianational headlinesnewsnews update todaypriyanka gandhisamachar todaytoday news Hinditop headlines todaytop news India

Join WhatsApp

Join Now