Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Baghat Bank Loan Defaulter: 11 करोड़ डकारने वाले बघाट बैंक के बड़े डिफाल्टर पर गिरी गाज, ARCS ने 30 दिन के लिए भेजा जेल

ARCS Solan Court Order: बघाट बैंक के 11 करोड़ रुपये के डिफाल्टर श्याम वर्मा को एआरसीएस सोलन अदालत के आदेश पर 30 दिन की जेल भेजा गया। बैंक का एनपीए 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
Published on: 28 July 2026
Baghat Bank Loan Defaulter: 11 करोड़ डकारने वाले बघाट बैंक के बड़े डिफाल्टर पर गिरी गाज, ARCS ने 30 दिन के लिए भेजा जेल

Baghat Bank Loan Defaulter: सोलन स्थित सहायक पंजीयक सहकारी समितियां (ARCS) की अदालत ने बघाट बैंक के करोड़ों रुपये के ऋण डिफाल्टर के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। अदालत ने करीब 11 करोड़ रुपये की ऋण रिकवरी के मामले में डिफाल्टर श्याम वर्मा को 30 दिन के लिए जेल भेजने के आदेश जारी किए हैं। बघाट बैंक के इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी ऋण डिफाल्टर को सीधे जेल भेजने का आदेश जारी हुआ है।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने मंगलवार सुबह ही ऋण डिफाल्टर श्याम वर्मा को गिरफ्तार कर एआरसीएस की अदालत में पेश किया था। सुनवाई के दौरान एआरसीएस सोलन गिरीश नड्डा ने डिफाल्टर को ऋण की कुछ राशि जमा कराने के लिए समय दिया। हालांकि, जब उनकी ओर से कोई राशि जमा नहीं की गई, तो अदालत ने हिमाचल प्रदेश लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत उन्हें 30 दिन की नागरिक हिरासत (जेल) में भेजने का फैसला सुनाया। अधिकारियों के अनुसार, यदि इस अवधि के दौरान वे ऋण की कुछ राशि जमा करवा देते हैं, तो उनकी रिहाई पर विचार किया जा सकता है।

वहीं, दूसरी ओर, आरोपी श्याम वर्मा ने बघाट बैंक के प्रबंधक और बैंक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बैंक प्रबंधन ने मांगने पर भी कभी उन्हें बकाया ऋण की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसी वजह से उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया पर स्टे लिया हुआ था।

उल्लेखनीय है कि एआरसीएस ने अक्तूबर 2025 में जिन 22 बड़े ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, उनमें श्याम वर्मा का नाम भी शामिल था। उस दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रही थी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। इस बार सोलन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में सफल रही।

इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। श्याम वर्मा ने केवल खुद बैंक से लोन नहीं लिया है, बल्कि वे कई अन्य ऋणों में गारंटर के रूप में भी शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बघाट बैंक ने ऋण स्वीकृत करते समय कथित तौर पर बैंकिंग नियमों की अनदेखी की। नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण ही आज बैंक में रिकवरी संकट खड़ा हो गया है और बैंक का कुल एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) 120 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

रिकवरी अभियान को तेज करते हुए एआरसीएस सोलन की अदालत ने इस बार लगभग 115 ऋण डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इस कड़ी में सोलन पुलिस अब तक करीब 20 डिफाल्टरों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही है। श्याम वर्मा के मामले को छोड़कर, शेष सभी ऋण डिफाल्टरों ने अदालत के समक्ष कुछ राशि जमा करवा दी, जिसके बाद उनकी रिहाई हो गई।

मंगलवार को भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 अन्य ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर एआरसीएस अदालत में पेश किया था। अदालत में पेशी के दौरान इन सभी डिफाल्टरों ने बकाया ऋण की कुछ राशि तुरंत जमा कर दी, जिसके बाद उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को निलंबित कर दिया गया।

ARCS SolanBaghat Bank SolanHimachal Bank NPAHimachal NewsLoan Defaulter Arrest

Join WhatsApp

Join Now