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HP Cloud Burst: हिमाचल में बादल फटने के बाद 56 लोग अभी लापता, 19 शव बरामद..!

HP Cloud Burst: हिमाचल में बादल फटने के बाद 56 लोग अभी लापता, 19 शव बरामद..!
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HP Cloud Burst: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भयानक तबाही मचाई है। इस तबाही में जहाँ कई परिवारों सहित कई लोगों ने अपनों को खो दिया, वहीँ सैंकड़ों लोगों के आशियाने तबाह हो गए और पालतू पशुओं की दर्दनाक मौत ने  सभी को झकझोर कर रख दिया।

आपदा प्रबंध विभाग की और से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में मानसून की भयानक बारिश 56 लोग लापता है वहीँ इस आपदा में मरने वालों के 19 शव बरामद हो चुके है। मंडी जिले में लापता सर्वाधिक 46 लोग सराज क्षेत्र के हैं। थुनाग में आठ, गोहर में छह लोगों की मौत, करसोग में एक की मौत, कांगड़ा में दो, नादौन और जोगिंद्रनगर में एक-एक जान गई है। प्रशासन द्वारा अब तक 370 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

बीते दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी के प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद रेस्क्यू और आपदा राहत के लिए वायुसेना की मदद मांगी है। सराज के थुनाग में 16, पखरैर में 18, जरोल में 7, चिऊणी में 4 और पांडवशीला में एक व्यक्ति लापता है। गोहर उपमंडल के स्यांज और बाड़ा परवाड़ा में छह लोगों की मौत हुई हैं जबकि आठ लापता हैं। करसोग उपमंडल में एक की मौत हुई है। जबकि दो लोग लापता हैं।

बादल फटने और भूस्खलन के चलते थुनाग और जंजैहली उपमंडल में सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। कई क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हैं। सोमवार रात को बादल फटने और भारी बारिश-भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश में 100 से अधिक सड़कें अभी भी पूरी तरह अवरुद्ध हैं। कुल्लू की बंजार घाटी में फंसे लगभग 250 पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

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HP Cloud Burst: 20 जून से 2 जुलाई तक मानसून से तबाही में अब तक 63 लोगों की जान गई

सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, मंडी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते 148 मकान पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि 104 गोशालाएं और 14 पुल भी तबाह हो गए। 31 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रदेश भर में 918 बिजली ट्रांसफार्मर और 683 पेयजल परियोजनाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। अब तक अनुमानित तौर पर 40,702.43 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।

जानकारी के अनुसार 20 जून से 2 जुलाई तक चले इस मानसूनी दौर में प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से 63 लोगों की मौत हो चुकी है। 109 लोग घायल हुए हैं, जबकि 40 लोग अब भी लापता हैं। इस अवधि में 13 पक्के मकान और 44 कच्चे घर धराशायी हो गए। इसके अलावा 179 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। वहीँ सड़क हादसों में भी 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

हिमाचल जल शक्ति विभाग की 3,698 परियोजनाएं प्रभावित

वहीँ उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मीडिया से जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक जल शक्ति विभाग की 3,698 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें 2,786 जलापूर्ति, 733 सिंचाई और 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। विभाग की ओर से अब तक लगभग 240 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा है कि हालात की गंभीरता को देखते हुए जल शक्ति विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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