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Kesar Ki Kheti: पूर्व सैनिक ने बंजर जमीन पर शुरू की केसर की खेती, स्थानीय युवाओं के लिए बने प्रेरणा

Kesar Ki Kheti

Kesar Ki Kheti : जवाली विधानसभा क्षेत्र के सुकनाडा पंचायत से संबंधित पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह ने अपनी हिम्मत और दृढ़ संकल्प से बंजर भूमि को उपजाऊ बना दिया है। महेंद्र सिंह ने अपनी चार मरला जमीन पर केसर की खेती ( Kesar Ki Kheti) शुरू की है, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी वह प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। उन्होंने खेती के प्रति अपनी गहरी रुचि और ज्ञान का इस्तेमाल करते हुए नगरोटा सूरियां क्षेत्र में कृषि को एक नई दिशा दी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महेंद्र सिंह पठानिया ने सेना में करीब 17 साल सेवाएं दी और सेवानिवृत होने उपरांत पुश्तैनी जमीन पर खेतीबाड़ी में जुट गए। वह कृषि सेवा सहकारी सभा में बतौर सचिव पद पर अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य में उनकी पत्नी संतोष कुमारी भी लगन के साथ हाथ बंटाती है।

दोस्त से मिली केसर की खेती की प्रेरणा ( Kesar Ki Kheti)

महेंद्र सिंह ने बताते हैं कि उनके एक दोस्त ने उन्हें केसर की खेती ( Kesar Ki Kheti ) के लिए प्रेरित किया और केसर बीज भी दोस्त ने ही उपलब्ध करवाया। महेंद्र सिंह ने अक्तूबर महीने में करीब चार मरले भूमि में केसर की बिजाई की जोकि अब तैयार होकर अपनी फसल देने लगे हैं। अब हर दूसरे दिन केसर के फूल तोड़कर एकत्रित कर रहे हैं।

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महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब तीन कनाल भूमि में हिमालय द्वितीय किस्म के परमल चावल की भी बिजाई की थी और अच्छी फसल हुई। उन्होंने कहा कि खेतों में पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी मिले तो नगरोटा सूरियां क्षेत्र के युवा छोटी मोटी नौकरी के लिए इधर उधर भटकने की बजाए नगदी फसलें  ( Kesar Ki Kheti )  उगाने की तरफ ध्यान देकर एक अच्छी आजीविका चला सकते हैं।

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महेंद्र सिंह ने कहा कि नगरोटा सूरियां क्षेत्र में लोगों के पास खेतीबाड़ी के लिए उपजाऊ भूमि तो उपलब्ध है लेकिन सिंचाई सुविधा के अभाव में फसल की अच्छी पैदावार से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए योजना बनाई जाए ताकि खेतीबाड़ी से पीछे हट रहे युवाओं को अच्छी किस्म की नगदी फसल की पैदावार ( saffron cultivation ) के लिए प्रेरित किया जा सके।

केसर की खेती महेंद्र सिंह के लिए न केवल आर्थिक उपलब्धि है बल्कि एक सामाजिक प्रेरणा भी है, जिससे अन्य किसान और युवा भी प्रेरित होकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तलाश सकते हैं।

Kesar Ki Kheti
पूर्व सैनिक ने बंजर जमीन पर शुरू की केसर की खेती, स्थानीय युवाओं के लिए बने प्रेरणा

केसर की खेती ( Kesar Ki Kheti )  कैसे करें:

  1. भूमि का चयन और तैयारी:
    • केसर के लिए अच्छी जल निकासी वाली भूमि आवश्यक होती है। भूमि को अच्छी तरह से जोतकर और समतल करके तैयार करें।
  2. बीजों का चयन और रोपण:
    • उच्च गुणवत्ता वाले केसर के बीज का चयन करें। रोपण का सही समय शरद ऋतु (सितंबर से अक्टूबर) होता है।
  3. सिंचाई:
    • केसर की खेती में नियमित सिंचाई महत्वपूर्ण होती है, खासकर रोपण के बाद के महीनों में।
  4. खाद और उर्वरक:
    • जैविक खाद जैसे कम्पोस्ट का उपयोग करें। रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम से कम करें।
  5. कटाई और उत्पादन:
    • केसर के फूलों ( Kesar Ki Kheti )  की कटाई शुरुआती सुबह करें जब फूल खुले होते हैं। कटाई के बाद, केसर के धागों को सावधानीपूर्वक निकालें और सुखाएं।
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